दिल्ली में वोटर पंजीकरण तेज, अब तक मिले 2.96 लाख फॉर्म-6: मुख्य निर्वाचन अधिकारी
नई दिल्ली, 6 नवंबर (आईएएनएस)। दिल्ली के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि 31 अगस्त से 5 नवंबर के बीच शहर में पात्र नागरिकों के नाम मतदाता सूची में शामिल करने के लिए 2.96 लाख फॉर्म 6 प्राप्त हुए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी कार्यालय द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि इस अवधि के दौरान मौजूदा मतदाता सूची में प्रस्तावित नामों को शामिल करने या हटाने पर आपत्ति जताने के लिए 28,853 फॉर्म 7 दाखिल किए गए हैं। बयान में यह भी याद दिलाया गया है कि अंतिम मतदाता सूची 22 दिसंबर को प्रकाशित की जाएगी।
बयान में कहा गया है कि 5 नवंबर तक, निवास स्थान बदलने/मौजूदा मतदाता सूची में प्रविष्टियों को सुधारने के लिए 1.1 लाख फॉर्म 8 दाखिल किए गए हैं।
बयान में कहा गया है कि मतदाता सूची में नाम शामिल करने के लिए फॉर्म 6 की अधिकतम संख्या 5 नवंबर तक पश्चिमी जिले (36,306) में दाखिल की गई, इसके बाद दक्षिण-पूर्वी जिले (28,688) का स्थान रहा।
मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने बताया कि दावे और आपत्तियां दर्ज करने की अवधि 25 नवंबर तक बढ़ा दी गई है। इन सभी दावों और आपत्तियों का निपटारा 15 दिसंबर तक कर दिया जाएगा।
इससे पहले, दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने 31 अगस्त को मतदाता सूची का मसौदा प्रकाशित किया और इसे अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड किया। इस मसौदे में एसआईआर के तहत 97,53,577 मतदाताओं को शामिल किया गया था, जबकि मानचित्रण संबंधी मुद्दों और तार्किक विसंगतियों को लेकर 33,14,032 मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए थे।
इस बीच, चुनाव आयोग ने दिल्ली के मुख्य कार्यकारी अधिकारी को निर्देश दिया है कि चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान छूट गए मतदाताओं को एक और अवसर दिया जाए।
आयोग ने एक बयान में कहा कि जिन मतदाताओं को जनगणना प्रपत्र जारी किए गए थे, लेकिन अनुपस्थित/स्थानांतरित/मृत/डुप्लीकेट (एएसडीडी) के रूप में चिह्नित होने के कारण जिनके नाम मसौदा मतदाता सूची में शामिल नहीं किए जा सके। उन्हें अंतिम मतदाता सूची में अपना नाम शामिल कराने का एक और अवसर दिया जाएगा।
चुनाव आयोग ने आगे कहा कि ऐसे सभी मतदाताओं की बूथवार सूचियां संबंधित मतदान केंद्रों के नोटिस बोर्ड पर फिर से प्रदर्शित की जाएंगी।
आयोग ने कहा कि जिन मामलों में किसी मतदाता को एएसडीडी के रूप में चिह्नित किया गया है और परिणामस्वरूप जिसका नाम मसौदा मतदाता सूची में नहीं है, उसने राज्य के भीतर अपना निवास स्थान बदल लिया है, तो ऐसे मतदाता को फॉर्म 8 जमा करने की आवश्यकता नहीं है। इसके बजाय, उसे संलग्नक-सी (जिसमें नया पता और विधानसभा क्षेत्र दर्शाया गया हो) के रूप में संलग्न विवरण के साथ जनगणना फॉर्म जमा करना होगा।
चुनाव आयोग ने कहा कि जो मतदाता एसआईआर के दौरान नए नामांकन के लिए फॉर्म-6 पहले ही जमा कर चुके हैं, उन्हें विवरण सहित गणना फॉर्म दोबारा जमा करने की आवश्यकता नहीं है। उनके फॉर्म पर आयोग द्वारा 3 नवंबर को जारी स्पष्टीकरण के अनुसार प्रक्रिया लागू की जाएगी।
--आईएएनएस
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