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5.5 लाख रुपए का सोने का कंगन घंटों में बरामद, अजमेर के कॉन्सटेबल को दिया गया इनाम

जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। अजमेर में पुलिस ने ईमानदारी और तेज कार्रवाई का शानदार उदाहरण पेश करते हुए महज कुछ घंटों में 5.5 लाख रुपए का सोने का कंगन बरामद कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में करीब 200-250 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई।
5.5 लाख रुपए का सोने का कंगन घंटों में बरामद, अजमेर के कॉन्सटेबल को दिया गया इनाम

जयपुर, 23 अप्रैल (आईएएनएस)। अजमेर में पुलिस ने ईमानदारी और तेज कार्रवाई का शानदार उदाहरण पेश करते हुए महज कुछ घंटों में 5.5 लाख रुपए का सोने का कंगन बरामद कर लिया। इस पूरी कार्रवाई में करीब 200-250 सीसीटीवी कैमरों की मदद ली गई।

यह घटना 20 अप्रैल की है, जब पुष्कर निवासी लिसा परसारा गंज तिराहा से फव्वारा सर्किल की ओर जा रही थीं। रास्ते में उन्होंने फोन कॉल लेने के लिए अपनी स्कूटी रोकी। इसी दौरान दस्ताने उतारते समय उनका करीब 3 तोला वजनी सोने का कंगन अनजाने में गिर गया, जिसका उन्हें पता ही नहीं चला।

घर पहुंचने पर कंगन गायब होने का एहसास होते ही वह सदमे में आ गईं और बेहोश हो गईं। उन्हें तुरंत वैशाली नगर स्थित अस्पताल ले जाया गया। इस बीच उनके परिजनों ने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई और अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जांच शुरू की गई। कांस्टेबल रामनिवास कड़वा ने गंज तिराहा से फव्वारा सर्किल तक के सीसीटीवी फुटेज को खंगालना शुरू किया। जांच के दौरान उन्हें एक अहम सुराग मिला, जिसमें एक युवक बिना नंबर प्लेट की स्कूटी पर कंगन उठाते हुए दिखाई दिया।

आरोपी की पहचान करना आसान नहीं था, लेकिन कांस्टेबल रामनिवास ने करीब 200-250 कैमरों की फुटेज को बारीकी से जांचते हुए उसके रूट को ट्रैक किया। आखिरकार उन्होंने युवक की पहचान कर उसके घर तक पहुंच बनाई।

पुलिस ने कंगन को सुरक्षित बरामद कर उसके असली मालिक को सौंप दिया। कंगन मिलने के बाद लिसा परसारा ने पुलिस टीम का आभार जताया।

इस सराहनीय कार्य के लिए पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला ने कांस्टेबल रामनिवास कडवा को 10,000 रुपए का नकद इनाम और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया।

एसपी ने कांस्टेबल की मेहनत और तकनीकी दक्षता की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसी लगन पुलिस विभाग की गरिमा को बढ़ाती है। अधिकारियों के मुताबिक, यह घटना बताती है कि पुलिस का काम सिर्फ अपराध रोकना ही नहीं, बल्कि मुश्किल समय में नागरिकों की मदद करना भी है।

--आईएएनएस

एएमटी/एबीएम

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