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ओडिशा: आय से अधिक संपत्ति के मामले में मयूरभंज इंजीनियर के यहां विजिलेंस की छापेमारी

ओडिशा: आय से अधिक संपत्ति के मामले में मयूरभंज इंजीनियर के यहां विजिलेंस की छापेमारी
ओडिशा: आय से अधिक संपत्ति के मामले में मयूरभंज इंजीनियर के यहां विजिलेंस की छापेमारी

भुवनेश्वर, 5 अक्टूबर (आईएएनएस)। ओडिशा विजिलेंस ने सरकारी अधिकारियों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। विजिलेंस ने सोमवार को मयूरभंज जिले में एक सरकारी इंजीनियर से जुड़ी संपत्तियों पर एक साथ छापेमारी की और करोड़ों रुपए की चल-अचल संपत्ति का पता लगाया।

विजिलेंस अधिकारियों ने बताया कि यह छापेमारी मयूरभंज जिले के बारीपदा आर एंड बी डिवीजन के तहत बेटाकोटी में आर एंड बी सब-डिवीजन के एग्जीक्यूटिव इंजीनियर अरबिंद मोहंती के खिलाफ की गई। उन पर आय के ज्ञात स्रोतों से अधिक संपत्ति (डीए) रखने का आरोप था।

ओडिशा विजिलेंस की टीमों ने मयूरभंज, बालासोर और खुर्दा जिलों में 10 जगहों पर एक साथ छापेमारी की। इन टीमों का नेतृत्व पांच डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस (डीएसपी) कर रहे थे, और इनमें आठ इंस्पेक्टर व अन्य सहयोगी कर्मचारी शामिल थे।

यह छापेमारी सोमवार को बारीपदा के स्पेशल जज (विजिलेंस) द्वारा जारी वारंट के आधार पर की गई।

छापेमारी के दौरान विजिलेंस अधिकारियों को अब तक दो बहुमंजिला इमारतें, पांच एकड़ का फार्महाउस (जिसमें दो मछली के तालाब और एक पोल्ट्री फार्म है), बालासोर शहर और उसके आसपास 20 महंगे प्लॉट, 2.77 लाख रुपए नकद, एक चार-पहिया वाहन और दो दो-पहिया वाहन मिले हैं।

इन संपत्तियों में बालासोर के अंगारगडिया में लगभग 3,500 वर्ग फुट की तीन मंजिला इमारत और खुर्दा जिले में भुवनेश्वर के बाहरी इलाके बालियांटा में लगभग 1,800 वर्ग फुट की दो मंजिला इमारत शामिल है।

फार्महाउस बालासोर जिले के बसंतपुर में स्थित है।

एजेंसी की टेक्निकल टीम इमारतों, फार्महाउस और प्लॉट की माप और मूल्यांकन कर रही है।

विजिलेंस अधिकारियों ने यह भी बताया कि उनकी पत्नी और एक सहयोगी के नाम पर मौजूद दो लॉकर अभी खोले जाने बाकी हैं, जबकि फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट्स में जमा राशि और अन्य निवेशों का पता लगाया जा रहा है।

एक अलग घटना में, सोमवार को भुवनेश्वर के यूनिट-फाइव में केशरी नगर सर्कल के रेवेन्यू इंस्पेक्टर (आरआई) निरंजन सिंह को ओडिशा विजिलेंस ने पकड़ा। विजिलेंस अधिकारियों के अनुसार, उन पर शिकायतकर्ता की मां और छोटे भाई की मौत के बाद कानूनी उत्तराधिकारी प्रमाण पत्र जारी करने की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के लिए जांच रिपोर्ट तैयार करने और भेजने के बदले एक आवेदक से 5,000 रुपए की रिश्वत मांगने और लेने का आरोप है।

--आईएएनएस

एमएस/

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