जुलाई में सेवा क्षेत्र के 19 में से 10 उप-क्षेत्रों ने दर्ज की दो अंकों की वृद्धि, अर्थव्यवस्था में दिखी व्यापक मजबूती
नई दिल्ली, 29 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय अर्थव्यवस्था के सेवा क्षेत्र ने जुलाई 2026 में व्यापक मजबूती दिखाई। राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) द्वारा जारी इंडेक्स ऑफ सर्विसेज प्रोडक्शन (आईएसपी) के अनुसार, सेवा क्षेत्र के 19 उप-क्षेत्रों में से 10 ने दो अंकों की वृद्धि दर दर्ज की। यह संकेत देता है कि देश में आर्थिक गतिविधियों का विस्तार केवल कुछ चुनिंदा क्षेत्रों तक सीमित नहीं है, बल्कि कई क्षेत्रों में एक साथ वृद्धि देखने को मिल रही है।
जुलाई में प्रशासनिक एवं सहायक सेवाएं सबसे तेज गति से बढ़ने वाला क्षेत्र रहीं। इस श्रेणी में 20.9 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई, जबकि जून में इसकी वृद्धि दर 14.4 प्रतिशत थी।
जून में शीर्ष पर रहने वाला रियल एस्टेट क्षेत्र जुलाई में भी मजबूत बना रहा, हालांकि इसकी वृद्धि दर 24.7 प्रतिशत से घटकर 14.4 प्रतिशत रह गई। इसके अलावा खुदरा व्यापार में 18.5 प्रतिशत, आवास एवं खाद्य सेवाओं में 12.6 प्रतिशत और बैंकिंग क्षेत्र में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
जुलाई के दौरान तीन और क्षेत्र दो अंकों की वृद्धि वाले क्लब में शामिल हुए। सूचना एवं प्रसारण क्षेत्र की वृद्धि दर जून के 4.6 प्रतिशत से बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई। दूरसंचार क्षेत्र की वृद्धि दर 9.5 प्रतिशत से बढ़कर 11 प्रतिशत पहुंच गई।
वहीं आईटी एवं कंप्यूटर संबंधी सेवाओं में 10.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई। पेशेवर, वैज्ञानिक एवं तकनीकी सेवाओं, जिनमें अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) भी शामिल है, ने 10.4 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की, जो जून के 9.1 प्रतिशत से अधिक है।
लॉजिस्टिक्स और परिवहन से जुड़े क्षेत्रों में भी सकारात्मक रुझान देखने को मिला। वेयरहाउसिंग और परिवहन सहायता सेवाओं की वृद्धि दर 9.8 प्रतिशत रही। रेल, जल और डाक परिवहन गतिविधियों में भी तेजी दर्ज की गई।
रेल परिवहन की वृद्धि दर दोगुने से अधिक बढ़कर 7.5 प्रतिशत हो गई। डाक और कूरियर सेवाओं में 8.7 प्रतिशत और जल परिवहन में 7.7 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
हालांकि, हवाई परिवहन क्षेत्र लगातार चौथे महीने दबाव में रहा। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव और भारतीय एयरलाइंस के लिए पाकिस्तान के हवाई क्षेत्र के बंद रहने का असर अंतरराष्ट्रीय परिचालन पर पड़ा। जुलाई में इस क्षेत्र में 8.4 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि जून में गिरावट 6 प्रतिशत थी।
सूचकांक के आधार पर देखें तो आवास एवं खाद्य सेवाएं 144 के इंडेक्स के साथ शीर्ष पर रहीं। इसके बाद खुदरा व्यापार का सूचकांक 140 और प्रशासनिक एवं सहायक सेवाओं का सूचकांक 134.5 रहा।
वहीं सड़क परिवहन का सूचकांक 132.1 दर्ज किया गया, जो देशभर में राष्ट्रीय राजमार्गों और एक्सप्रेसवे नेटवर्क के तेजी से विस्तार का संकेत देता है। बेहतर सड़क संपर्क के कारण माल और यात्री परिवहन गतिविधियों को निरंतर बढ़ावा मिल रहा है।
--आईएएनएस
डीबीपी

