बलूचिस्तान में पाकिस्तानी सेना पर 10 नागरिकों को जबरन गायब करने का आरोप
क्वेटा, 2 जून (आईएएनएस)। बलूचिस्तान के विभिन्न जिलों में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों द्वारा चलाए गए अभियान और छापेमारी के दौरान कम से कम 10 नागरिकों को कथित तौर पर जबरन हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर ले जाने का मामला सामने आया है। स्थानीय मीडिया रिपोर्टों में मंगलवार को यह दावा किया गया।
स्थानीय सूत्रों के हवाले से प्रकाशित रिपोर्टों के अनुसार, सोमवार सुबह बलूचिस्तान के नुश्की जिले के किल्ली मेंगल क्षेत्र में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी अभियान चलाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, करीब 20 सैन्य वाहनों ने इलाके को घेर लिया और घर-घर जाकर तलाशी ली।
इस दौरान सात लोगों को हिरासत में लेकर अज्ञात स्थानों पर ले जाने का आरोप लगाया गया है। इन लोगों की पहचान शाह खालिद, मोहम्मद इरफान, मोहम्मद नियाज, नूर मोहम्मद, मोहम्मद आरिफ, अलाउद्दीन और अब्दुल बासित के रूप में हुई है।
एक अन्य घटना में, सुराब जिले के हाजिका इलाके में पाकिस्तानी फ्रंटियर कॉर्प्स (एफसी) ने घर पर छापेमारी कर उबैदुल्लाह और खुदा बख्श नामक दो लोगों को हिरासत में लिया। परिजनों का कहना है कि दोनों किसान हैं और उन्हें अज्ञात स्थान पर ले जाया गया, जिसके बाद से उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है।
वहीं, खुजदार के डॉक्टर कॉलोनी क्षेत्र से 25 वर्षीय दुकानदार सैफुर रहमान को 25 मई की रात कथित तौर पर हिरासत में लिया गया था। परिवार का आरोप है कि आतंकवाद निरोधक विभाग (सीटीडी) और सैन्य खुफिया एजेंसी (एमआई) के कर्मियों ने उन्हें गिरफ्तार कर किसी अज्ञात स्थान पर भेज दिया।
इस बीच, बलूचिस्तान के केच जिले में एक कारोबारी और एक बच्चे के अपहरण की अलग-अलग घटनाओं ने भी चिंता बढ़ा दी है। रिपोर्टों के अनुसार, 29 मई को तुंप तहसील के रोडबान इलाके में मोटरसाइकिल सवार हथियारबंद लोगों ने व्यवसायी अब्दुल हलीम के नाबालिग बेटे खलील हलीम का कथित तौर पर बंदूक की नोक पर अपहरण कर लिया।
सूत्रों के मुताबिक, अपहरणकर्ताओं ने बाद में परिवार से भारी फिरौती की मांग की, हालांकि परिवार या प्रशासन की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
इसके अलावा 30 मई की शाम दाश्त क्षेत्र के बिलनागोर इलाके से कारोबारी अकील अकबर के भी हथियारबंद लोगों द्वारा कथित अपहरण की खबर सामने आई।
लगातार सामने आ रही अपहरण और जबरन गायब किए जाने की घटनाओं ने बलूचिस्तान, विशेषकर मकरान क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय लोगों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था की स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है।
--आईएएनएस
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