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पूर्वी सूडान में खदान ढहने से दस मजदूरों की मौत, 21 लोग घायल

पूर्वी सूडान में खदान ढहने से दस मजदूरों की मौत, 21 लोग घायल
पूर्वी सूडान में खदान ढहने से दस मजदूरों की मौत, 21 लोग घायल

खार्तूम, 21 सितंबर (आईएएनएस)। पूर्वी सूडान के रेड सी स्टेट के ओनी इलाके में पांच खदानें ढहने से दस श्रम‍िकों की मौत हो गई, जबकि 21 अन्य घायल हो गए। एक स्वयंसेवी समूह और चश्मदीदों ने यह जानकारी दी।

स्वयंसेवी समूह 'दार हमार इमरजेंसी रूम' ने रविवार को एक बयान में बताया कि बचाव टीमों ने अब तक दस शव निकाले हैं और 21 घायल मजदूरों को बचाया है। खदानों के अंदर अब भी फंसे लोगों की तलाश जारी है।

सूडानी मिनरल रिसोर्सेज कंपनी ने भी रविवार को अलग से एक बयान जारी कर ओनी इलाके में खदानें ढहने की पुष्टि की। हालांकि, कंपनी ने मरने या घायल होने वालों की कोई आधिकारिक संख्या नहीं बताई।

घटनास्थल पर मौजूद एक खनिक ने समाचार एजेंसी स‍िन्हुआ को बताया कि हादसा शनिवार को उस समय हुआ, जब मजदूर जमीन के नीचे काम कर रहे थे। उसके मुताबिक, आसपास की खदानें एक के बाद एक ढह गईं और मजदूर चट्टानों और मिट्टी के नीचे दब गए।

नाम जाहिर न करने की शर्त पर खनिक ने बताया कि वहां मौजूद मजदूरों ने तुरंत उपलब्ध उपकरणों की मदद से फंसे लोगों को बचाने की कोशिश शुरू कर दी। मलबा हटाने के लिए बुलडोजर भी बुलाए गए।

उसने बताया कि घटनास्थल के कुछ हिस्सों तक पहुंचना काफी मुश्किल है। इसी वजह से अभी यह पता नहीं चल पाया है कि आखिर कितने मजदूर लापता हैं।

उसने बताया कि कई घायल मजदूरों को पोर्ट सूडान ले जाया गया, जो खदान वाली जगह से करीब 300 किलोमीटर दूर है।

यह हादसा वेस्ट कोर्डोफान स्टेट में अल-नुहुद के पास स्थित अल-जारा खदान के ढहने के कुछ ही दिन बाद हुआ है। उस हादसे में दर्जनों खनिकों की मौत हुई थी।

छोटे स्तर पर और पारंपरिक तरीकों से किया जाने वाला खनन सूडान के बहुत से लोगों की कमाई का एक बड़ा जरिया है। देश के कुल सोने का करीब 80 प्रतिशत इसी तरह के खनन से निकलता है। उत्तरी और पश्चिमी सूडान में ऐसी 800 से ज्यादा खनन साइटें हैं, जहां 15 लाख से ज्यादा खनिक काम करते हैं।

सोना सूडान के लिए विदेशी मुद्रा कमाने के प्रमुख जरियों में से एक है। आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, सूडान ने 2025 में 70 टन सोने का उत्पादन किया था।

सूडान की खदानों में इस तरह के हादसे अक्सर होते रहते हैं। सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम न होना और खनन से जुड़े बुनियादी ढांचे की खराब हालत मजदूरों के लिए खतरा और बढ़ा देती है।

--आईएएनएस

एवाई/पीएम

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