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हिमाचल की गोद में बसा महर्षि वशिष्ठ का पवित्र गांव, जहां 'औषधीय कुंड' में स्नान करने से दूर होती है रोग-व्याधि

मनाली, 19 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसा वशिष्ठ गांव न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। मनाली के मुख्य बाजार से मात्र 3 किलोमीटर दूर, ब्यास नदी के किनारे स्थित यह गांव पर्यटकों और तीर्थयात्रियों दोनों के लिए बेहद खास जगह है।
हिमाचल की गोद में बसा महर्षि वशिष्ठ का पवित्र गांव, जहां 'औषधीय कुंड' में स्नान करने से दूर होती है रोग-व्याधि

मनाली, 19 मई (आईएएनएस)। हिमाचल प्रदेश की खूबसूरत वादियों में बसा वशिष्ठ गांव न सिर्फ प्राकृतिक सौंदर्य के लिए प्रसिद्ध है, बल्कि अपनी आध्यात्मिक विरासत के लिए भी जाना जाता है। मनाली के मुख्य बाजार से मात्र 3 किलोमीटर दूर, ब्यास नदी के किनारे स्थित यह गांव पर्यटकों और तीर्थयात्रियों दोनों के लिए बेहद खास जगह है।

यहां प्राचीन वशिष्ठ मंदिर, गंधक युक्त गर्म झरने और शांत वातावरण मिलकर एक अद्भुत अनुभव देते हैं। सप्तऋषियों में से एक और भगवान राम के गुरु महर्षि वशिष्ठ को समर्पित यह गांव लगभग 4 हजार साल पुरानी आध्यात्मिक परंपरा को समेटे हुए है। स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, महर्षि वशिष्ठ ने यहां तपस्या की थी और राजा विश्वामित्र के क्रोध के बाद शांति प्राप्त की थी। इसी वजह से इस जगह का नाम वशिष्ठ पड़ा।

वशिष्ठ गांव प्रकृति और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम है। पर्यटक व श्रद्धालु बताते हैं कि यहां आकर मन शांत होता है, शरीर स्वस्थ होता है और आत्मा को नई ऊर्जा मिलती है। गर्मियों में पर्यटकों की भारी भीड़ रहती है, लेकिन शांति की तलाश करने वालों के लिए यह जगह साल भर आकर्षक बनी रहती है।

प्रकृति की गोद में बसे इस गांव में वशिष्ठ मंदिर भी है, जो हिमाचली वास्तुकला का बेहतरीन नमूना है। यह ‘काठ-कुनी’ शैली में बना है, जिसमें बिना किसी सीमेंट या मोर्टार के लकड़ी और पत्थर को शानदार तरीके से जोड़ा गया है। मंदिर की लकड़ी पर बारीक नक्काशी और दीवारों पर बने भित्ति-चित्र हिमाचल की समृद्ध कलात्मक विरासत को बखूबी पेश करते हैं। मंदिर के गर्भगृह में महर्षि वशिष्ठ की ग्रेनाइट मूर्ति स्थापित है, जहां भक्त बड़ी श्रद्धा से पूजा-अर्चना व ध्यान करते हैं।

वशिष्ठ गांव का सबसे बड़ा आकर्षण इसके गर्म झरने हैं। वशिष्ठ स्नान कुंड में निकलने वाला गंधक युक्त गर्म पानी हिमालय की गहराइयों से आता है। इस पानी में मौजूद खनिज कई तरह की बीमारियों जैसे जोड़ों के दर्द, त्वचा रोग और थकान में राहत पहुंचाते हैं। यहां पुरुषों और महिलाओं के लिए अलग-अलग स्नान कुंड बनाए गए हैं। स्नान करने के बाद भक्तों को मानसिक और शारीरिक शांति मिलती है।

महर्षि वशिष्ठ के गांव के आसपास और भी आकर्षण हैं। वशिष्ठ गांव से निकलकर पर्यटक कई अन्य खूबसूरत जगहों पर भी जा सकते हैं। जोगिनी झरने तक ट्रेकिंग बेहद लोकप्रिय है। हरे-भरे जंगलों के बीच यह ट्रेक रोमांच और सुंदर नजारों से भरपूर है। ब्यास नदी के किनारे टहलना, पिकनिक मनाना या बस शांति का आनंद लेना यहां का सबसे अच्छा अनुभव है।

साथ ही, नजदीकी मनाली में हिडिम्बा देवी मंदिर, मनु मंदिर, सोलंग घाटी और गाधन थेकचोकलिंग गोम्पा मठ भी घूमने लायक हैं। हिमाचल संस्कृति और लोक कला संग्रहालय में स्थानीय परंपराओं और कलाकृतियों को देखा जा सकता है।

हिमाचल के खूबसूरत गांव तक पहुंचने के लिए प्रमुख हवाई अड्डे की बात करें तो कुल्लू-मनाली हवाई अड्डा (केकेयू), कुल्लू (भुंतर), और शहीद भगत सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (आईएक्ससी), चंडीगढ़ हैं। वहीं, निकटतम रेलवे स्टेशन जोगिंदर नगर रेलवे स्टेशन (जेजीएनएक्स) है।

--आईएएनएस

एमटी/डीकेपी

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