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हिजाब छीनने वालों सुन लो! आने वाले समय में हमारी बेटियां आईपीएस बनकर सलामी लेंगी: अकबरुद्दीन ओवैसी

हैदराबाद, 9 मई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने अपनी बेटी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए एक दिली ख्वाईश जाहिर की। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बैरिस्टर है और इसी प्रेरणा से वह हैदराबाद के ओल्ड सिटी की लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं।
हिजाब छीनने वालों सुन लो! आने वाले समय में हमारी बेटियां आईपीएस बनकर सलामी लेंगी: अकबरुद्दीन ओवैसी

हैदराबाद, 9 मई (आईएएनएस)। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के नेता अकबरुद्दीन ओवैसी ने अपनी बेटी की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए एक दिली ख्वाईश जाहिर की। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि उनकी बेटी बैरिस्टर है और इसी प्रेरणा से वह हैदराबाद के ओल्ड सिटी की लड़कियों को उच्च शिक्षा के लिए हरसंभव सहयोग देने को तैयार हैं।

अकबरुद्दीन ओवैसी ने कहा कि कोई भी छात्रा यदि बैरिस्टर बनना चाहती है, तो वह उसकी पूरी पढ़ाई का खर्च उठाएंगे। इसमें फीस, रहने और खाने तक का पूरा खर्च शामिल होगा। अगर यहां बैठी कोई भी लड़की बैरिस्टर बनना चाहती है तो मुझसे कहे, मैं उसे बैरिस्टर बनाऊंगा।

उन्होंने यह भी कहा कि उनका सपना है कि ओल्ड सिटी की गलियों से बैरिस्टर, आईएएस, आईपीएस, आईएफएस और आईआरएस जैसे उच्च पदों पर अधिकारी निकलें। ओवैसी ने भरोसा जताया कि सालार-ए-मिल्लत एजुकेशनल ट्रस्ट के माध्यम से इस दिशा में सकारात्मक परिणाम देखने को मिलेंगे।

वीडियो के दूसरे हिस्से में अकबरुद्दीन ओवैसी ने हिजाब को लेकर उठने वाले सवालों का जोरदार जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी 'हिजाब पहनने वाली बेटियां' भी कठिन परीक्षाएं पास कर आईपीएस अधिकारी बनेंगी। उन्होंने दावा किया कि आने वाले समय में हिजाब पहनने वाली महिला अधिकारी को जूनियर अधिकारी सलामी देंगे।

हिजाब के विरोधियों पर निशाना साधते हुए ओवैसी ने कहा कि जहां दूसरे लोग केवल 'बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ' जैसे नारे देते रहे। वहीं, उनके समुदाय ने शिक्षा और पेशों में शीर्ष स्थान हासिल करते हुए हिजाब और बुर्का दोनों को सुरक्षित रखा है।

उन्होंने ऐलान किया कि जो लोग हमारा हिजाब छीनना चाहते हैं, वे ध्यान से सुनें। हम अपने फर्ज, अपनी सुन्नत, अपनी नफ्ल नमाजें, अपनी मस्जिदें, अपनी शरीयत, अपने चेहरे की सुन्नत या अपना हिजाब छोड़ने के लिए तैयार नहीं हैं। भारत छोड़ने के किसी भी सुझाव को खारिज करते हुए ओवैसी ने आगे कहा कि यह देश हमारा था, हमारा है और हमारा ही रहेगा। हम हिजाब में रहेंगे, अपनी दाढ़ी रखेंगे, दुनिया से मुकाबला करेंगे और कामयाब होकर उभरेंगे।

--आईएएनएस

पीएसके/वीसी

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