यूपी में आंधी-बारिश का कहर, वीडियो में जाने वाराणसी में गंगा में नाव संचालन बंद; आगरा में जलभराव और मकान ढहा
उत्तर प्रदेश में मौसम का मिजाज लगातार बदला हुआ है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी और बारिश से जनजीवन प्रभावित हुआ है। वाराणसी में मंगलवार दोपहर तेज आंधी के चलते गंगा घाटों पर बवंडर जैसे हालात बन गए, जबकि आगरा में मूसलाधार बारिश ने शहर की व्यवस्था को पूरी तरह प्रभावित कर दिया।
वाराणसी में 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी
वाराणसी में मंगलवार दोपहर अचानक मौसम बदल गया और करीब 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चली। आंधी के कारण गंगा घाटों के आसपास धूल और बवंडर उठने लगे। सुरक्षा को देखते हुए प्रशासन ने गंगा नदी में नावों के संचालन पर अस्थायी रोक लगा दी।तेज हवाओं के चलते घाटों पर मौजूद लोगों और नाविकों को भी सतर्क रहने की सलाह दी गई। मौसम खराब होने के कारण कई स्थानों पर सामान्य गतिविधियां प्रभावित रहीं।
आगरा में एक घंटे की बारिश से हालात बिगड़े
आगरा में करीब एक घंटे तक हुई तेज बारिश और आंधी ने शहर के कई इलाकों को जलमग्न कर दिया। सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। कई रिहायशी क्षेत्रों में बारिश का पानी घरों के अंदर तक पहुंच गया।नालों की निकासी व्यवस्था कमजोर पड़ने के कारण लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई वाहन पानी में फंस गए और मुख्य मार्गों पर लंबा जाम लग गया।
सड़क धंसी, 25 फीट गहरे गड्ढे में समाई ट्रैक्टर-ट्रॉली
बारिश के कारण शहर के कुछ हिस्सों में सड़कें भी धंस गईं। एक स्थान पर फुटपाथ धंसने से करीब 25 फीट गहरा गड्ढा बन गया, जिसमें ईंटों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली जा गिरी।इसके अलावा सड़क किनारे खड़ी कई कारें और ट्रक भी जमीन धंसने के कारण गड्ढों में पलट गए। स्थानीय प्रशासन ने प्रभावित क्षेत्रों को घेरकर लोगों की आवाजाही पर रोक लगाई है।
छीपीटोला में मकान गिरा
आगरा के छीपीटोला इलाके में भारी बारिश के बीच एक मकान ढह गया। हालांकि, प्रारंभिक जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन और राहत दल मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा ले रहे हैं।
मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट
मौसम विभाग ने उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अगले कुछ दिनों तक तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों और कमजोर भवनों से दूर रहने की सलाह दी गई है। लगातार बदल रहे मौसम के कारण प्रशासन भी अलर्ट मोड पर है और प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव की तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

