अर्नब चक्रवात का तट से टकराने के बाद आंध्र-ओडिशा में भारी बारिश, 5 हजार लोग सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट
बंगाल की खाड़ी से उठे अर्नब चक्रवात ने उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट को देर रात करीब 11 बजे से 1 बजे के बीच पार किया। इसके बाद दोनों राज्यों में मौसम का मिजाज बिगड़ गया है। कई इलाकों में तेज हवाओं के साथ भारी बारिश हो रही है। प्रशासन ने एहतियात के तौर पर ओडिशा में करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।
चक्रवात के असर से ओडिशा के दक्षिणी जिलों में भारी बारिश के कारण कई इलाकों में जलभराव और नुकसान की स्थिति सामने आई है। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, 4 से ज्यादा पुल और सड़कें पानी के तेज बहाव में बह गई हैं। ग्रामीण और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। राहत और बचाव दलों को भी अलर्ट पर रखा गया है।आंध्र प्रदेश के श्रीकाकुलम जिले में भी चक्रवात का असर साफ दिखाई दे रहा है। कलिंगपट्टनम और आसपास के इलाकों में तेज बारिश के साथ हवाओं की रफ्तार करीब 75 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंची। लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण सामान्य जनजीवन प्रभावित हुआ है। प्रशासन की ओर से संवेदनशील इलाकों पर नजर रखी जा रही है।
विजयवाड़ा में सुबह से लगातार बारिश हो रही है। इसके कारण शहर के निचले इलाकों में पानी भर गया है। कई सड़कों पर जलभराव होने से लोगों को आवाजाही में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लगातार बारिश को देखते हुए शहर के कई स्कूलों में लगातार दूसरे दिन छुट्टी घोषित की गई है।मौसम विभाग के अनुसार, चक्रवाती सिस्टम पिछले छह घंटे के दौरान करीब 3 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ा है। इसके आगे बढ़ने के साथ इसके प्रभाव वाले क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं की स्थिति बनी रह सकती है।
चक्रवात का असर केवल आंध्र प्रदेश और ओडिशा तक सीमित नहीं रहने की संभावना है। पश्चिम बंगाल के कुछ हिस्सों में भी भारी बारिश का अनुमान जताया गया है। उत्तर बंगाल के दार्जिलिंग और कलिम्पोंग में मौसम विभाग ने भूस्खलन की चेतावनी जारी की है। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण सड़कें बाधित होने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है।
प्रशासन ने लोगों से मौसम संबंधी चेतावनियों का पालन करने और बिना जरूरी काम के संवेदनशील इलाकों में जाने से बचने की अपील की है। राहत एवं बचाव एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं।

