राजस्थान में इस समय मौसम ने एक बार फिर करवट ले ली है और चैत्र माह में ही सावन जैसे हालात देखने को मिल रहे हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में अचानक बदले मौसम ने लोगों को हैरान कर दिया है। मौसम विभाग के अनुसार एक मजबूत पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) सक्रिय है, जो 21 मार्च तक प्रभावी रहेगा।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि इस सिस्टम के चलते राज्य के कई जिलों में बादल छाए रहने, तेज हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ बारिश की पूरी संभावना बनी हुई है। खासतौर पर शुक्रवार को इसका असर सबसे ज्यादा देखने को मिल सकता है। इसी कारण जयपुर समेत करीब 24 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से तापमान में भी गिरावट दर्ज की जा रही है, जिससे मौसम में ठंडक बढ़ गई है। दिन के समय जहां पहले तेज गर्मी महसूस हो रही थी, वहीं अब बादल और बारिश के चलते मौसम सुहावना हो गया है। कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ कहीं-कहीं तेज बारिश और आंधी की भी स्थिति बन सकती है।
किसानों के लिए यह मौसम राहत और चिंता दोनों लेकर आया है। जहां एक ओर रबी फसलों के लिए यह बारिश फायदेमंद हो सकती है, वहीं ओलावृष्टि की आशंका से फसलों को नुकसान का खतरा भी बना हुआ है। विशेष रूप से गेहूं, सरसों और चने की फसलों पर इसका असर देखने को मिल सकता है।
मौसम विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों से बचने, पेड़ों और बिजली के खंभों के नीचे खड़े न होने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की अपील की गई है। इसके साथ ही तेज हवाओं और आंधी के दौरान यातायात में भी सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
कुल मिलाकर, राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम का यह बदलाव आने वाले कुछ दिनों तक जारी रह सकता है, जिससे लोगों को गर्मी से राहत तो मिलेगी, लेकिन सतर्कता भी जरूरी है।

