Samachar Nama
×

राजस्थान में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तबाही: गेहूं-चना की फसलें बर्बाद, किसानों को भारी नुकसान

राजस्थान में आंधी-बारिश और ओलावृष्टि से तबाही: गेहूं-चना की फसलें बर्बाद, किसानों को भारी नुकसान

राजस्थान के कई जिलों में अचानक बदले मौसम ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी गेहूं और चने की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। कई जगहों पर फसलें पूरी तरह बर्बाद हो गई हैं, जिससे किसानों को आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है।

सबसे ज्यादा असर सीकर जिले के नीमकाथाना क्षेत्र में देखने को मिला है, जहां आंधी-बारिश के साथ ओलावृष्टि ने तबाही मचा दी। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में खड़ी फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं और कई जगहों पर कटाई के लिए तैयार फसल भी खराब हो गई है।

नीमकाथाना क्षेत्र में एक दर्दनाक घटना में आकाशीय बिजली गिरने से किसान कैलाश गुर्जर के पशु इसकी चपेट में आ गए, जिससे पशुपालकों को भी बड़ा नुकसान हुआ है। इस घटना ने ग्रामीणों की चिंता और बढ़ा दी है, क्योंकि खेती के साथ-साथ पशुपालन भी उनकी आजीविका का मुख्य साधन है।

स्थानीय निवासी राजेश शर्मा ने बताया कि इस प्राकृतिक आपदा से किसानों को भारी आर्थिक नुकसान हुआ है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि प्रभावित किसानों को जल्द से जल्द मुआवजा दिया जाए, ताकि वे इस संकट से उबर सकें।

इसी तरह, बीकानेर जिले में भी मौसम की मार ने किसानों की कमर तोड़ दी है। वहां कई क्षेत्रों में फसलें पूरी तरह नष्ट हो गई हैं, जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है। किसानों का कहना है कि इस समय की गई मेहनत पर पानी फिर गया है और आगे की खेती पर भी इसका असर पड़ेगा।

कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह की अचानक मौसमीय घटनाएं फसल उत्पादन पर गंभीर असर डालती हैं और किसानों की आय को सीधे प्रभावित करती हैं। उन्होंने सलाह दी है कि सरकार को फसल नुकसान का जल्द आकलन कर राहत पैकेज घोषित करना चाहिए।

प्रशासन की ओर से नुकसान का सर्वे शुरू करने की बात कही जा रही है, ताकि प्रभावित किसानों की सूची तैयार कर उन्हें उचित मुआवजा दिया जा सके।

कुल मिलाकर, राजस्थान में हुई इस प्राकृतिक आपदा ने एक बार फिर किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं और अब सभी की नजरें सरकार की राहत और सहायता घोषणा पर टिकी हैं।

Share this story

Tags