केरल में फिर तेज बारिश का अलर्ट, फुटेज में देंखे 5 की मौत; यूपी में पुल डूबे, गुजरात में सड़कों पर भरा पानी
देश के कई राज्यों में बारिश का दौर जारी है। केरल में सोमवार को लगातार दूसरे दिन तेज बारिश की आशंका जताई गई है। मौसम विभाग ने पथनमथिट्टा, कोट्टायम, अलप्पुझा, एर्नाकुलम, इडुक्की और त्रिशूर जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी किया है। इससे पहले रविवार को राज्य के कई हिस्सों में भारी बारिश के कारण लैंडस्लाइड, मडस्लाइड और अचानक आई बाढ़ की घटनाएं सामने आईं। अलग-अलग हादसों में 5 लोगों की मौत हो गई, जबकि 2 लोग अभी लापता बताए जा रहे हैं।
इडुक्की और मलप्पुरम समेत कई जिलों में भारी बारिश का सबसे ज्यादा असर देखने को मिला। लगातार बारिश के कारण पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और मलबा गिरने की घटनाएं हुईं। कुछ क्षेत्रों में अचानक जलस्तर बढ़ने से बाढ़ जैसी स्थिति बन गई। प्रशासन और राहत एजेंसियां प्रभावित इलाकों पर नजर बनाए हुए हैं।
यूपी में कई इलाकों में जलभराव
उत्तर प्रदेश में भी बारिश और नदियों के बढ़े जलस्तर का असर कई जिलों में दिखाई दे रहा है। ललितपुर में बेतवा नदी का पानी पुल के ऊपर से बह रहा है। इसके चलते लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सीतापुर में कई छोटे पुल पानी में डूब गए हैं।
उन्नाव में जलमग्न बस्तियों में लोगों की आवाजाही के लिए नावों का इस्तेमाल किया जा रहा है। वहीं, बाराबंकी में रविवार को बड़ा हादसा हो गया। बारिश के पानी से भरे एक गड्ढे में नहाने के दौरान तीन बच्चों की डूबने से मौत हो गई। हादसे के बाद इलाके में मातम का माहौल है।
गुजरात में आधे घंटे की बारिश से सड़कों पर पानी
गुजरात के भावनगर और राजकोट में रविवार को हुई तेज बारिश ने शहरों की व्यवस्था प्रभावित कर दी। करीब आधे घंटे की तेज बारिश में ही कई सड़कों पर घुटनों तक पानी भर गया। भावनगर के महुवा में करीब साढ़े 4 इंच बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि राजकोट के गोंडल में साढ़े 3 इंच बारिश हुई।
जूनागढ़ के गिरनार जंगल में भी अचानक बाढ़ की स्थिति बन गई। आत्मेश्वर महादेव मंदिर जाने वाले रास्ते में पानी का बहाव बढ़ने के कारण बच्चों और बुजुर्गों समेत 40 से ज्यादा श्रद्धालु फंस गए। सूचना मिलने के बाद वन विभाग और फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और सभी श्रद्धालुओं को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
देश के अलग-अलग हिस्सों में लगातार बारिश के कारण प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। पहाड़ी और निचले इलाकों में अचानक बाढ़ तथा भूस्खलन का खतरा बना हुआ है। मौसम विभाग के अलर्ट के बीच स्थानीय प्रशासन प्रभावित क्षेत्रों में निगरानी कर रहा है और लोगों से जलभराव वाले रास्तों तथा नदी-नालों के आसपास जाने से बचने की अपील की जा रही है।

