रेगिस्तानी जिले जैसलमेर में भीषण गर्मी ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है। शहर से लेकर ग्रामीण अंचलों तक प्रचंड गर्मी का असर देखा जा रहा है, जहां दिनभर चलने वाली गर्म हवाएं लोगों को घरों में कैद रहने को मजबूर कर रही हैं।
रविवार को भी जिले में मौसम के हालात बेहद कठिन बने रहे। तेज धूप और लू के थपेड़ों ने सड़कें सुनसान कर दीं। दोपहर के समय बाजारों में सन्नाटा पसरा रहा, जबकि जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग भी गर्म हवाओं से बचने के लिए सिर और चेहरे को ढककर ही निकलते नजर आए।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों से तापमान में लगातार बढ़ोतरी हो रही है, जिससे आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीण इलाकों में हालात और भी ज्यादा कठिन हैं, जहां पेयजल की समस्या के साथ-साथ गर्मी का असर लोगों को अधिक परेशान कर रहा है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि पश्चिमी राजस्थान में गर्मी का यह दौर सामान्य मौसमी प्रभाव का हिस्सा है, लेकिन इस बार लू की तीव्रता अधिक बनी हुई है। आने वाले दिनों में भी तापमान में खास राहत मिलने की संभावना कम जताई जा रही है।
गर्मी से बचाव के लिए प्रशासन ने लोगों को दिन के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दी है। साथ ही, पर्याप्त मात्रा में पानी पीने और हल्के व ढीले कपड़े पहनने की अपील की गई है। पशुपालकों को भी अपने पशुओं की देखभाल को लेकर विशेष सावधानी बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
बढ़ती गर्मी के कारण स्वास्थ्य केंद्रों पर भी हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामलों में बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है। चिकित्सकों ने बुजुर्गों और बच्चों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि गर्म हवाओं के चलते दिनचर्या पूरी तरह प्रभावित हो गई है और लोग केवल आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं। शाम के समय भी गर्मी से खास राहत नहीं मिल रही है।
फिलहाल जैसलमेर और आसपास के क्षेत्रों में गर्मी का यह प्रचंड दौर जारी है, जिससे जनजीवन पूरी तरह प्रभावित बना हुआ है।

