MCA कैंटीन में कॉकरोच और मक्खियां मिलने पर हाईकोर्ट की टिप्पणी, वीडियो में पूछा- क्या खिलाड़ियों को पता था वे ‘नॉन वेज चाय’ पी रहे हैं?
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) के रेस्टोरेंट्स में साफ-सफाई को लेकर चल रहे विवाद पर बॉम्बे हाईकोर्ट ने मंगलवार को सुनवाई की। इस दौरान कोर्ट ने मजाकिया अंदाज में सवाल किया कि क्या खिलाड़ियों को पता था कि वे कॉकरोच और मक्खियों वाली ‘नॉन वेज’ चाय पी रहे हैं। कोर्ट की यह टिप्पणी MCA परिसर में स्थित रसोई में कथित रूप से मिली गंदगी और खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को लेकर की गई।
महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) की जांच में MCA के पांच रेस्टोरेंट्स में साफ-सफाई से जुड़ी कई गंभीर खामियां सामने आने के बाद उनके लाइसेंस निलंबित कर दिए गए थे। FDA ने 20 अगस्त को MCA परिसर का निरीक्षण किया था, जिसमें किचन में कॉकरोच और मक्खियां मिलने, गंदे फर्श, खाद्य पदार्थों के रखरखाव और स्वच्छता से जुड़ी कमियां पाए जाने का दावा किया गया था। इसके बाद पांचों आउटलेट्स के लाइसेंस पर कार्रवाई की गई।
जिन रेस्टोरेंट्स पर कार्रवाई हुई है, उनमें परमिट रूम, पवेलियन, मेडिटेरेनियन, ओरिएंटल स्विंग और क्लबवे एंड पेस्ट्री काउंटर शामिल हैं। FDA के अनुसार, इन आउटलेट्स के लाइसें MCA के नाम पर जारी थे, जबकि इनका संचालन निजी कंपनी शिर्के इंफ्रास्ट्रक्चर कर रही थी। जांच के दौरान खाद्य भंडारण, किचन संचालन और साफ-सफाई से जुड़ी कई कमियां सामने आईं।MCA ने FDA की कार्रवाई को बॉम्बे हाईकोर्ट में चुनौती दी है। संस्था की ओर से दलील दी गई कि लाइसेंस निलंबित करने से पहले सुधार का मौका दिया जाना चाहिए था। MCA ने यह भी कहा कि रेस्टोरेंट बंद होने से खिलाड़ियों और सदस्यों को परेशानी हो रही है।
सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने FDA को इन रेस्टोरेंट्स का दोबारा निरीक्षण करने का निर्देश दिया है। कोर्ट ने कहा कि अगर दोबारा जांच में सभी नियमों का पालन पाया जाता है तो लाइसेंस निलंबन हटाने पर विचार किया जा सकता है। अदालत ने अस्थायी व्यवस्था के तौर पर टूर्नामेंट के दौरान खिलाड़ियों को चाय और कॉफी उपलब्ध कराने के लिए वेंडिंग मशीन लगाने की अनुमति भी दी है।कोर्ट ने सुनवाई के दौरान साफ-सफाई को लेकर गंभीर चिंता जताई और कहा कि रसोई में मक्खियों और कॉकरोच की मौजूदगी खाद्य सुरक्षा का बड़ा मुद्दा है। अदालत ने FDA को दोबारा निरीक्षण कर रिपोर्ट सौंपने को कहा है।
MCA का कहना है कि उसने सफाई व्यवस्था में सुधार के कदम उठाए हैं और परिसर को जल्द से जल्द सामान्य स्थिति में लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं FDA का कहना है कि खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करना उसकी जिम्मेदारी है और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर कार्रवाई की जाएगी।इस मामले ने एक बार फिर बड़े खेल संस्थानों में खिलाड़ियों को मिलने वाले भोजन की गुणवत्ता और स्वच्छता व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। अब सभी की नजर हाईकोर्ट के निर्देश के बाद होने वाली नई जांच रिपोर्ट पर है, जिससे यह साफ होगा कि MCA के रेस्टोरेंट्स में सुधार हुआ है या नहीं।

