क्या अचानक बढ़ गया है आपका बिजली बिल? इन तरीकों से दर्ज कराएं शिकायत और पाएं एडजेस्टमेंट
अगर आप दिल्ली में BSES राजधानी यानी BRPL या BSES यमुना यानी BYPL के बिजली उपभोक्ता हैं और आपका मीटर अचानक तेज चलने लगा है, गलत रीडिंग दिखा रहा है या मीटर के डिस्प्ले में कोई खराबी आ गई है, तो आप इसकी शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए BSES की ओर से मीटर टेस्टिंग और जरूरत पड़ने पर उसे बदलने की प्रक्रिया उपलब्ध है।
खास बात यह है कि मीटर खराब होने की स्थिति में उपभोक्ता को नया मीटर लगाने का खर्च नहीं उठाना पड़ता। पहले विभाग मीटर की जांच करता है और इसके लिए निर्धारित टेस्टिंग फीस ली जा सकती है। अगर जांच में मीटर वास्तव में फॉल्टी पाया जाता है, तो नया मीटर मुफ्त में लगाया जाता है और टेस्टिंग के लिए जमा की गई फीस भी वापस या बिल में एडजस्ट की जाती है।
WhatsApp से ऐसे करें शिकायत
BSES के उपभोक्ता घर बैठे WhatsApp के जरिए भी मीटर से जुड़ी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
- BRPL उपभोक्ता: आधिकारिक WhatsApp नंबर 8800919123 पर
Hiभेजें। - BYPL उपभोक्ता: आधिकारिक WhatsApp नंबर 8745999888 पर
Hiभेजें। - इसके बाद मेनू में Meter Related Queries या संबंधित शिकायत विकल्प चुनकर अपनी समस्या दर्ज करें।
BSES मोबाइल ऐप से शिकायत
मोबाइल ऐप के जरिए शिकायत करने के लिए सबसे पहले BSES का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करें।
- अपने CA नंबर से लॉगिन करें।
- Complaints सेक्शन में जाएं।
- Meter Faulty या मीटर से संबंधित शिकायत का विकल्प चुनें।
- इसके बाद मांगी गई जानकारी भरकर शिकायत दर्ज कर दें।
वेबसाइट से भी कर सकते हैं आवेदन
ऑनलाइन शिकायत के लिए BSES के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर Consumer Login के जरिए अपने अकाउंट में प्रवेश किया जा सकता है। इसके बाद मीटर टेस्टिंग से जुड़ा आवेदन जमा करें।
ऑफलाइन आवेदन के लिए किन दस्तावेजों की जरूरत होगी?
अगर आप BSES ऑफिस जाकर शिकायत करना चाहते हैं, तो डिवीजन ऑफिसर के नाम आवेदन दे सकते हैं। आवेदन में मीटर की समस्या साफ-साफ बताएं, जैसे मीटर का बहुत तेज चलना, जंप रीडिंग आना या डिस्प्ले खराब होना।
इसके साथ आम तौर पर ये दस्तावेज रखने चाहिए:
- नवीनतम बिजली बिल की कॉपी
- उपभोक्ता का पहचान पत्र
- मौजूदा मीटर की साफ फोटो
- मीटर की वर्तमान रीडिंग की फोटो
- जहां लागू हो, मीटर पर दर्ज लोड की जानकारी
शिकायत के बाद क्या होगा?
शिकायत दर्ज होने के बाद BSES की तकनीकी टीम मीटर की जांच कर सकती है। जरूरत पड़ने पर चेक मीटर लगाया जा सकता है या मौजूदा मीटर को निकालकर लैब में टेस्टिंग के लिए भेजा जा सकता है।
अगर जांच में मीटर फॉल्टी पाया जाता है, तो नियमों के मुताबिक उसे बदला जा सकता है। जमा की गई मीटर टेस्टिंग फीस भी वापस या अगले बिल में एडजस्ट की जा सकती है।
अगर खराब मीटर की वजह से पिछले कुछ महीनों में बिल ज्यादा आया है, तो जांच के बाद बिल को निर्धारित नियमों के अनुसार संशोधित किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में खपत का आकलन पिछले वर्ष की समान अवधि की औसत खपत जैसे आधारों पर किया जा सकता है।
इसलिए अगर आपको लगता है कि आपका BSES बिजली मीटर सामान्य से तेज चल रहा है या गलत रीडिंग दे रहा है, तो खुद से मीटर बदलने के बजाय पहले आधिकारिक तरीके से मीटर टेस्टिंग की शिकायत दर्ज कराना जरूरी है।

