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वोटर लिस्ट से कट गया है नाम? चुनाव आयोग ने दिया एक और मौका, 7 राज्यों के मतदाता ऐसे जुड़वा सकेंगे नाम

वोटर लिस्ट से कट गया है नाम? चुनाव आयोग ने दिया एक और मौका, 7 राज्यों के मतदाता ऐसे जुड़वा सकेंगे नाम

स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के दौरान जिन मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से बाहर हो गए थे, उनके लिए चुनाव आयोग ने राहत भरा फैसला लिया है। आयोग ने ऐसे लोगों को अपना नाम दोबारा मतदाता सूची में शामिल करवाने का एक और अवसर देने का निर्देश दिया है। यह सुविधा उन मतदाताओं को मिलेगी, जिन्हें ASDD यानी एब्सेंट, शिफ्टेड, डेड और डुप्लिकेट श्रेणी में रखा गया था।

दरअसल, SIR प्रक्रिया के दौरान इन मतदाताओं के एन्यूमरेशन फॉर्म जारी किए गए थे, लेकिन निर्धारित समय में उनके फॉर्म वापस नहीं मिले। इसी वजह से उनके नाम ड्राफ्ट इलेक्टोरल रोल में शामिल नहीं हो पाए। अब चुनाव आयोग ने ऐसे मतदाताओं को अपनी स्थिति स्पष्ट करने और नाम जुड़वाने का मौका देने का फैसला किया है।

इन 7 राज्यों में लागू होंगे चुनाव आयोग के निर्देश

चुनाव आयोग के नए निर्देश दिल्ली, महाराष्ट्र, हरियाणा, आंध्र प्रदेश, झारखंड, तेलंगाना और नागालैंड के लिए लागू होंगे। इन राज्यों में ASDD श्रेणी में रखे गए मतदाताओं को दोबारा प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर दिया जाएगा।

आयोग ने इसके साथ ही डुप्लिकेट नामांकन रोकने के निर्देश भी दिए हैं, ताकि एक ही व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में एक से अधिक स्थानों पर दर्ज न हो।

हालांकि, इस फैसले का लाभ उन लोगों को नहीं मिलेगा, जिनका नाम पहले कभी मतदाता सूची में शामिल ही नहीं था। यह सुविधा केवल उन मतदाताओं के लिए है, जिनका नाम पहले वोटर लिस्ट में था, लेकिन SIR प्रक्रिया के दौरान ड्राफ्ट सूची से बाहर हो गया।

दिल्ली में करीब 47.57 लाख नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से बाहर

दिल्ली में SIR प्रक्रिया को लेकर पहले भी सवाल उठ चुके हैं। जानकारी के मुताबिक, SIR से पहले दिल्ली में करीब 1.45 करोड़ मतदाता थे। वहीं, 31 अगस्त को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में लगभग 97.53 लाख मतदाताओं के नाम शामिल किए गए थे।

इस तरह करीब 47.57 लाख नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं हो सके। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट ने 29 अक्टूबर को दिल्ली में प्रक्रिया को जल्दबाजी में पूरा किए जाने को लेकर सवाल उठाए थे। इसके अगले दिन चुनाव आयोग ने समयसीमा बढ़ाने का फैसला किया था।

ASDD श्रेणी में नाम है तो क्या करें?

अगर आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है और आपको ASDD श्रेणी में रखा गया है, तो सबसे पहले अपनी स्थिति की जानकारी प्राप्त करें। चुनाव आयोग के निर्देशों के तहत संबंधित मतदाताओं को अपना पक्ष रखने और जरूरी दस्तावेजों के साथ दावा-आपत्ति दर्ज कराने का अवसर दिया जाएगा।

इसके लिए आप अपने क्षेत्र के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) से संपर्क कर सकते हैं। जरूरत पड़ने पर निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार आवेदन और दस्तावेज जमा करके नाम शामिल करवाने का दावा किया जा सकता है।

आवेदन करते समय पहचान और पते से जुड़े जरूरी दस्तावेज तैयार रखें। केवल आधार कार्ड या वोटर आईडी होने से नाम अपने आप शामिल नहीं होगा; संबंधित अधिकारियों द्वारा आवेदन और पात्रता की जांच की जाएगी।

तीन दिन में चुनाव आयोग का दूसरा बड़ा फैसला

चुनाव आयोग ने हाल के दिनों में वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने को लेकर एक और महत्वपूर्ण कदम उठाया था। 3 नवंबर को आयोग ने स्पष्ट किया था कि अगर किसी मतदाता का नाम SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर नाम शामिल करवाने के लिए आवेदन कर सकता है।

आयोग के अनुसार, पहले से कई वर्षों से वोटर होने के बावजूद ड्राफ्ट सूची में नाम नहीं मिलने पर भी फॉर्म-6 के माध्यम से आवेदन करना होगा। इस प्रक्रिया में आवेदन को झूठा शपथ पत्र नहीं माना जाएगा और केवल इस आधार पर कोई मुकदमा नहीं होगा।

फॉर्म-6 से 2003 की वोटर लिस्ट वाला सवाल भी हटाया गया

चुनाव आयोग ने फॉर्म-6 में भी बदलाव किया है। अक्टूबर में किए गए इस बदलाव के बाद SIR प्रक्रिया पूरी कर चुके राज्यों में नाम दोबारा जुड़वाने के लिए आवेदकों को 2003 की मतदाता सूची से जुड़ी जानकारी देने की जरूरत नहीं होगी।

अब आवेदक को यह बताने की आवश्यकता नहीं है कि उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम 2003 की वोटर लिस्ट में दर्ज था या नहीं। इससे संबंधित अतिरिक्त घोषणा-पत्र को फॉर्म-6 से हटा दिया गया है।

मतदाताओं के लिए जरूरी बात: अगर SIR के दौरान आपका नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हट गया है, तो अपनी पात्रता और आवेदन की प्रक्रिया की जानकारी BLO या चुनाव आयोग के आधिकारिक माध्यमों से जरूर लें। समय रहते दावा या आवेदन करना जरूरी है, ताकि आपका नाम मतदाता सूची में शामिल करवाने का अवसर न छूटे।

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