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हरियाणा में हिंदू छात्रों का कलावा काटना दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनकः विनोद बंसल

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने हरियाणा में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के हाथ से कलावा काटने का विरोध जताया। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए।
हरियाणा में हिंदू छात्रों का कलावा काटना दुर्भाग्यपूर्ण और अपमानजनकः विनोद बंसल

नई दिल्ली, 27 अप्रैल (आईएएनएस)। विश्व हिंदू परिषद के नेता विनोद बंसल ने हरियाणा में परीक्षा के दौरान विद्यार्थियों के हाथ से कलावा काटने का विरोध जताया। इसके साथ ही उन्होंने इस घटना को चिंताजनक बताते हुए कहा कि इस तरह की घटनाओं पर तुरंत अंकुश लगना चाहिए।

विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत करते हुए कहा, "राज्य में रविवार को हरियाणा लोक सेवा आयोग की परीक्षा आयोजित की गई थी। परीक्षा केंद्र के बाहर एक भयावह दृश्य देखने को मिला, जहां एक युवती कैंची लेकर छात्रों की कलाई से कलावा (धागा) काट रही थी। कटे हुए धागे पैरों से रौंदे जा रहे थे। वहां फेंके गए कलावों का ढेर लगा हुआ था। इस स्थिति को दर्शाने वाली तस्वीरें और वीडियो देखकर मुझे गहरा दुख हुआ। हमने इस मामले में स्थानीय प्रशासन से भी संपर्क किया है। हालांकि, इस प्रथा को अंततः रोक दिया गया, लेकिन ऐसी घटनाएं न तो नई हैं और न ही किसी एक स्थान तक सीमित हैं। देश के विभिन्न हिस्सों से इसी तरह की घटनाएं सामने आती रहती हैं।"

उन्होंने कहा कि हिंदू आस्था के प्रतीकों पर लगातार कुठाराघात किया जाना दुर्भाग्यपूर्ण, चिंताजनक और निंदनीय है। अब ऐसे कृत्यों पर पूर्ण विराम लगाने की आवश्यकता है। मुझे आशा है कि हरियाणा सरकार जांच करके इस मामले में दोषियों पर कार्रवाई करेगी। देशभर की परीक्षा एजेंसियां, बोर्ड और विश्वविद्यालयों में भी परीक्षा के पहले इस तरह का उत्पीड़न नहीं होना चाहिए, क्योंकि इससे विद्यार्थियों का मनोबल गिरता है।

इससे पहले विनोद बंसल ने नासिक में स्थित टीसीएस में लव जिहाद को लेकर कहा था कि देश में समाज जीवन के लगभग हर क्षेत्र में बढ़ रहीं सुनियोजित जिहादी घटनाएं विकृत मानसिकता का परिचायक हैं। नासिक के टीसीएस में उजागर हुए लव जिहाद के षड्यंत्र भी इसी श्रृंखला की एक कड़ी हैं। अनेक नगरों से लव जिहाद, वन भूमि, सार्वजनिक भूमि, सेना और रेल भूमि पर अवैध कब्जे, खान-पान की वस्तुओं को अपवित्र करना, अधिक मुस्लिम बहुसंख्यक स्थानों पर हिंदू परिवारों के लगातार उत्पीड़न, अनुसूचित जाति व जनजाति की बालिकाओं के शोषण आदि अनेक प्रकार की घटनाएं इसी मानसिकता की उपज हैं।

--आईएएनएस

ओपी/डीकेपी

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