हर्षवर्धन सपकाल के बयान पर भड़के सुधीर मुनगंटीवार, कहा-जैसे संस्कार, वैसी ही भाषा
मुंबई, 26 मई (आईएएनएस)। महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल द्वारा पीएम मोदी को लेकर की गई अमर्यादित टिप्पणी पर भाजपा विधायक सुधीर मुनगंटीवार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, "जैसे कांग्रेस के नेता हैं, वैसे ही उनके कार्यकर्ता हैं। जैसे संस्कार हैं, वैसे ही उनकी भाषा है।"
मुनगंटीवार ने कहा कि अगर किसी नेता को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीतियों या कामकाज में कोई कमी नजर आती है, तो उस पर लोकतांत्रिक तरीके से बात की जा सकती है। लेकिन जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल कांग्रेस नेताओं की ओर से किया जा रहा है, वह पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने कहा कि देश के प्रधानमंत्री के लिए अपमानजनक शब्दों का इस्तेमाल सिर्फ एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देश की 140 करोड़ जनता का अपमान है, जिन्होंने लोकतांत्रिक तरीके से उन्हें चुना है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस अब लगातार राजनीतिक जमीन खोती जा रही है। एक समय पश्चिम बंगाल में कांग्रेस की मजबूत सरकार थी, लेकिन आज हालत यह है कि पार्टी की मौजूदगी तक मुश्किल से दिखाई देती है। बिहार समेत कई राज्यों में भी कांग्रेस की स्थिति कमजोर हो चुकी है। उनके मुताबिक, सत्ता से दूर होने के बाद कांग्रेस नेताओं को चारों तरफ अंधेरा दिखाई दे रहा है और इसी वजह से वे इस तरह की बयानबाजी कर रहे हैं।
सुधीर मुनगंटीवार ने कहा कि कांग्रेस को लगता है कि तीखी और अभद्र भाषा बोलकर जनता का समर्थन हासिल किया जा सकता है, लेकिन यह उनकी गलतफहमी है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि यह 'मुंगेरीलाल के हसीन सपने' देखने जैसा है। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव के उन बयानों का भी जिक्र किया, जिनमें केंद्र सरकार के गिरने की बात कही गई थी। मुनगंटीवार ने कहा कि विपक्षी नेता सिर्फ सपने देख रहे हैं, जबकि जनता लगातार भाजपा पर भरोसा जता रही है।
उन्होंने आगे कहा कि संविधान निर्माताओं ने शायद यह नहीं सोचा होगा कि लोकतंत्र में चुने गए कुछ नेता जनता द्वारा चुनी गई सरकार के खिलाफ इस तरह की अभद्र टिप्पणियां करेंगे। उनके अनुसार विपक्ष को जनता के जनादेश का सम्मान करना चाहिए।
इसके साथ ही मुनगंटीवार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 साल के कार्यकाल की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि पिछले बारह वर्षों में देश ने विकास की नई ऊंचाइयों को छुआ है। उन्होंने दावा किया कि देश का बजट और आर्थिक ताकत पहले की तुलना में कई गुना बढ़ी है। इंफ्रास्ट्रक्चर पर बड़े स्तर पर काम हुआ है, सड़कें बनी हैं और गरीबों के लिए कई योजनाएं शुरू की गई हैं।
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