Samachar Nama
×

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने बताया, 'भारी बारिश के दौरान सूरत के लोगों ने एक-दूसरे को पहुंचाई मदद'

डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने बताया, 'भारी बारिश के दौरान सूरत के लोगों ने एक-दूसरे को पहुंचाई मदद'
डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने बताया, 'भारी बारिश के दौरान सूरत के लोगों ने एक-दूसरे को पहुंचाई मदद'

सूरत, 9 जुलाई (आईएएनएस)। गुजरात के डिप्टी सीएम हर्ष संघवी ने भारी बारिश के दौरान आम जनता की ओर से स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की सराहना की। उन्होंने जानकारी दी कि खारी प्रोजेक्ट के माध्यम से शहरों में पानी को रोकने के लिए 500 करोड़ रुपए का भी ऐलान किया गया है।

उन्होंने गुरुवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि बीते दिनों दक्षिण गुजरात और सूरत में भारी बारिश देखने को मिली थी। इससे आम लोगों को कई प्रकार की दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। लेकिन, स्थिति को सामान्य बनाने की दिशा में आम लोगों की ओर से किया गया प्रयास तारीफ के काबिल है। सरकार और प्रशासन की ओर से जहां तक मदद पहुंचाई जा सकती थी, वहां तक पहुंचाई गई। हमने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि किसी को भी कोई दिक्कत नहीं हो।

उनके मुताबिक, सूरत के कई क्षेत्रों में बाढ़ देखने को मिली। अगर सबसे ज्यादा बारिश कहीं पर देखने को मिली, तो वो सूरत ही है। राहत की बात यह रही है कि सूरत के नागरिकों ने ऐसे समय में एक-दूसरे की मदद की। प्रशासन की ओर से जहां तक मदद पहुंचाई जा सकती थी, वहां तक पहुंचाई गई। लेकिन, अगर कहीं पर किसी कारणवश सरकारी मदद नहीं पहुंच पाई, तो लोगों ने एक-दूसरे की मदद करके स्थिति को सामान्य बनाने का प्रयास किया। यह बहुत ही चुनौतीपूर्ण समय था। सूरत ही नहीं, बल्कि देश के कई हिस्सों में इतनी ज्यादा बारिश नहीं हुई थी।

उन्होंने कहा कि हमें बहुत बड़ी संख्या में लोगों को स्थानातंरित करने में मदद मिली। सूरत में सीएम की ओर से समीक्षा बैठक की गई। इस बैठक में कई तरह के निर्देश दिए गए। साथ ही, यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया गया कि भविष्य में इस तरह की स्थिति पैदा न हो। अगर पहले इस तरह की स्थिति पैदा हुई थी, तो अब वर्तमान में ऐसा क्यों हुआ, आखिर कहां पर कमी रह गई। इस बारे में जांच करने के भी आदेश दिए गए। इस संबंध में पूरी रूपरेखा निर्धारित की गई है, जिसे जमीन पर जल्द ही उतारा जाएगा।

उनके मुताबिक, इस दौरान अगर सड़क पर स्थित स्ट्रीट लाइट या किसी अन्य बुनियादी ढांचे को किसी भी प्रकार का नुकसान पहुंचा है, तो उसे मरम्मत करने के लिए आदेश भी जारी किए गए हैं। अगर जरूरत पड़ी, तो उसकी जांच भी की जाएगी।

--आईएएनएस

एसएचके/एबीएम

Share this story

Tags