हर मोर्चे पर नाकाम रूस जानबूझकर आमजन को बना रहा निशाना, 15 हजार से ज्यादा नागरिक हताहत: सिबिहा
कीव, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। यूक्रेन के विदेश मंत्री एंड्री सिबिहा ने कहा कि रूस मोर्चे पर लक्ष्य हासिल करने में नाकाम रहने के बावजूद आम नागरिकों पर हमले तेज कर रहा है। उन्होंने कहा कि रूस आम नागरिकों के खिलाफ जितने हमले करेगा उतना ही नुकसान उसे उठाना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जिन देशों का मॉस्को पर असर है, उन्हें सिद्धांतों को बनाए रखने के लिए दवाब बनाना चाहिए।
सिबिहा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर पोस्ट में लिखा, ''भले ही रूस मोर्चे पर अपने किसी भी लक्ष्य को हासिल नहीं कर पा रहा है लेकिन इसके बावजूद उसके हमलों में यूक्रेन के आम नागरिक ज्यादा संख्या में मारे जा रहे हैं और घायल हो रहे हैं। संयुक्त राष्ट्र के ताजा आंकड़ों से सामने आई यह सबसे गंभीर बातों में से एक है।''
सिबिहा ने बताया कि सिर्फ आठ महीनों में फ्रंटलाइन इलाकों में रूस के हवाई ग्लाइड बम हमलों में करीब 2,500 आम नागरिक मारे गए या घायल हुए। यह पिछले साल की इसी अवधि के मुकाबले 62 प्रतिशत ज्यादा है। इसी दौरान पूरे यूक्रेन में संयुक्त राष्ट्र ने 15 हजार से ज्यादा आम नागरिकों के मारे जाने या घायल होने की पुष्टि की। इस बीच रूस ने शहरों, ऊर्जा से जुड़े ढांचे और उन जगहों पर हमले बढ़ा दिए हैं, जहां लोग अपनी रोजमर्रा की जिंदगी बिताते हैं।
उन्होंने कहा कि यह ऐसा युद्ध नहीं है जो बस 'जारी' है। रूस जानबूझकर इसे आम नागरिकों के लिए और ज्यादा खतरनाक बना रहा है। साथ ही, वह यह कोशिश कर रहा है कि समय के साथ दुनिया का ध्यान और अंतरराष्ट्रीय दबाव कम हो जाए।
यूक्रेन के विदेश मंत्री ने कहा कि मैं वोल्कर तुर्क और उनके कार्यालय का धन्यवाद करता हूं कि उन्होंने इन तथ्यों को दर्ज किया और जवाबदेही तय करने पर जोर दिया। जिन देशों का रूस पर प्रभाव है, उनसे कार्रवाई करने की उनकी अपील पर अमल किया जाना चाहिए।
सिबिहा ने कहा कि रूस जितना ज्यादा आम नागरिकों के खिलाफ हमले बढ़ाएगा, उतना ही उसे अपने संसाधनों, क्षमताओं और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी गतिविधियों की गुंजाइश का नुकसान उठाना पड़ेगा।
उन्होंने कहा कि संयुक्त राष्ट्र चार्टर के सिद्धांत सिर्फ शब्द बनकर नहीं रह सकते, खासकर तब जब एक ऐसा देश, जो सुरक्षा परिषद के स्थायी सदस्य की सीट पर गैरकानूनी तरीके से कब्जा किए हुए है, हर दिन इन सिद्धांतों का उल्लंघन कर रहा है।
सिबिहा ने अपील करते हुए कहा कि जिन देशों का मॉस्को पर प्रभाव है, उन्हें उसका मजबूती से इस्तेमाल करना चाहिए, ताकि इन सिद्धांतों को कायम रखा जा सके और रूस को अपनी आक्रामक कार्रवाई खत्म करने के लिए मजबूर किया जा सके।
--आईएएनएस
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