हनुमान बेनीवाल ने हटाए अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी, वीडियो में जाने अमित शाह और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लिखा पत्र
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के सुप्रीमो और नागौर से सांसद हनुमान बेनीवाल ने अपनी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाते हुए शनिवार को अपनी सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मियों को हटाने का फैसला किया। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा ड्यूटी में ऐसे पुलिसकर्मियों की तैनाती की जा रही है, जो गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं। बेनीवाल का कहना है कि इससे न केवल उनकी सुरक्षा प्रभावित हो रही है, बल्कि उनकी सार्वजनिक छवि को भी नुकसान पहुंचाने की कोशिश की जा रही है।
अमित शाह और मुख्यमंत्री को लिखा पत्र
इस पूरे मामले को लेकर हनुमान बेनीवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को पत्र लिखकर हस्तक्षेप की मांग की है। उन्होंने पत्र में अपनी सुरक्षा व्यवस्था में किए गए बदलावों और अतिरिक्त सुरक्षा हटाए जाने पर सवाल उठाए हैं।बेनीवाल ने सरकार से आग्रह किया कि उनकी सुरक्षा से जुड़े मामलों की निष्पक्ष समीक्षा कर उचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए।
"बिना सूचना हटा दी गई अतिरिक्त सुरक्षा"
अपने पत्र में सांसद ने लिखा कि पहले राजस्थान पुलिस की इंटेलिजेंस शाखा से मिले सुरक्षा इनपुट के आधार पर उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट और हथियारबंद कमांडो उपलब्ध कराए गए थे। लेकिन बाद में बिना किसी पूर्व सूचना या स्पष्ट कारण बताए उनकी अतिरिक्त सुरक्षा वापस ले ली गई।उन्होंने सवाल उठाया कि यदि पहले उनकी सुरक्षा को लेकर खतरे के इनपुट थे, तो अब उन इनपुट की स्थिति क्या है और उन्हें इस संबंध में कोई आधिकारिक जानकारी क्यों नहीं दी गई।
सरकार से मांगा स्पष्ट जवाब
हनुमान बेनीवाल ने पत्र में पूछा कि क्या वर्तमान में उनकी सुरक्षा से जुड़ा खतरा समाप्त हो गया है या फिर सरकार उनकी सुरक्षा को लेकर लापरवाही बरत रही है। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले में सरकार आधिकारिक रूप से स्थिति स्पष्ट करे।सांसद का कहना है कि सुरक्षा व्यवस्था किसी भी जनप्रतिनिधि के लिए बेहद महत्वपूर्ण होती है और इसमें किसी प्रकार की अनदेखी नहीं होनी चाहिए।
पुलिसकर्मियों की तैनाती पर भी जताई आपत्ति
बेनीवाल ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी सुरक्षा ड्यूटी में ऐसे पुलिसकर्मियों को लगाया जा रहा है, जो गंभीर बीमारियों से पीड़ित हैं। उनके अनुसार, इससे सुरक्षा व्यवस्था की प्रभावशीलता प्रभावित होती है। हालांकि, इस संबंध में पुलिस विभाग की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार
हनुमान बेनीवाल के पत्र के बाद अब इस मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार की प्रतिक्रिया का इंतजार किया जा रहा है। साथ ही यह भी देखा जाएगा कि उनकी सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा को लेकर प्रशासन की ओर से आगे क्या कदम उठाए जाते हैं।फिलहाल, बेनीवाल द्वारा लगाए गए आरोपों पर संबंधित सरकारी एजेंसियों या राजस्थान पुलिस की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

