हमीरपुर: सड़क के लिए नंगे पांव कलेक्ट्रेट पहुंचे थे बच्चे, अब उन्हीं के हाथों हुआ भूमि पूजन
लखनऊ, 5 नवंबर (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में कभी स्कूल जाने के लिए कीचड़ भरे रास्ते से जूझने वाले बच्चों ने जब नंगे पांव कलेक्ट्रेट पहुंचकर सड़क बनाने की मांग उठाई थी, तब शायद उन्हें भी अंदाजा नहीं था कि उनका संघर्ष तीन माह में ही रंग लाएगा।
आजादी के बाद से सड़क की बाट जोह रहे चंदूपुर ग्राम पंचायत से ब्रह्मा के डेरा तक आधा दर्जन गांवों के लोगों का इंतजार अब खत्म होने जा रहा है। गुरुवार को सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति की मौजूदगी में उन्हीं बच्चों के हाथों सड़क का भूमि पूजन कराया गया, जो कभी सड़क के लिए नंगे पांव मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे थे।
इस मौके पर बच्चों के चेहरों पर संघर्ष की जीत की खुशी साफ झलकी। विद्वान आचार्य ने वेद मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन कराया। इस दौरान विधायक बोले- बच्चे ही इसके हकदार हैं।
दरअसल, बारिश के दिनों में कच्चा रास्ता कीचड़ से भर जाता था। इससे बच्चों का स्कूल पहुंचना मुश्किल हो जाता था और कइयों की पढ़ाई तक छूट जाती थी। इसी समस्या को लेकर 11 अगस्त को बच्चे गांव से कलेक्ट्रेट तक नंगे पांव पैदल मार्च करते हुए पहुंचे थे।
जिलाधिकारी कार्यालय के सामने धरने पर बैठे बच्चों ने करीब छह घंटे तक प्रदर्शन किया। इस दौरान कलेक्ट्रेट का मुख्य द्वार भी बंद कर दिया था। बाद में जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेकर तत्काल रास्ते पर बजरा, ईंट डलवाकर आवागमन शुरू कराया था।
सड़क निर्माण में वन विभाग की जमीन बाधा बन रही थी। जिलाधिकारी के पत्राचार के बाद वन विभाग से एनओसी मिली और शासन ने 1.6 किलोमीटर सड़क निर्माण को मंजूरी दे दी। सड़क निर्माण के लिए 180.60 लाख रुपए का बजट स्वीकृत हुआ है।
इसमें पहली किस्त के रूप में 17.78 लाख रुपए जारी कर दिए गए हैं। वर्षों की परेशानी और बच्चों के संघर्ष के बाद अब गांवों को पक्की सड़क की सौगात मिलने जा रही है।
सदर विधायक डॉ. मनोज कुमार प्रजापति ने चंदूपुर ग्राम पंचायत से 'ब्रह्मा का डेरा' तक बनने वाली 1.6 किलोमीटर लंबी सड़क का भूमि पूजन उन्हीं बच्चों से करवाया, जो सड़क की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट तक पैदल गए थे। इस सड़क के निर्माण के लिए 180.60 लाख रुपए मंजूर किए गए हैं। भाजपा विधायक डॉ. मनोज प्रजापति ने कहा कि हम बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए कार्यरत हैं।
--आईएएनएस
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