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'हमें मालूम था कि वह बवंडर बन कर आएगा, लेकिन चक्रवात बन गया', अंडर-19 विश्व कप में टीम इंडिया की जीत पर वैभव सूर्यवंशी के दादा

समस्तीपुर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में उस वक्त जश्न का माहौल तेज हो गया जब भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रनों की शानदार पारी खेली। सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मालूम था कि वे फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएंगे, लेकिन वे तो चक्रवात बन गए।
'हमें मालूम था कि वह बवंडर बन कर आएगा, लेकिन चक्रवात बन गया', अंडर-19 विश्व कप में टीम इंडिया की जीत पर वैभव सूर्यवंशी के दादा

समस्तीपुर, 6 फरवरी (आईएएनएस)। बिहार में उस वक्त जश्न का माहौल तेज हो गया जब भारत की अंडर-19 टीम ने इंग्लैंड को 100 रनों से हराकर विश्व कप अपने नाम कर लिया। फाइनल मुकाबले में स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने 80 गेंदों में 175 रनों की शानदार पारी खेली। सूर्यवंशी की इस तूफानी पारी पर उनके दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि हमें मालूम था कि वे फाइनल मुकाबले में बवंडर बनकर आएंगे, लेकिन वे तो चक्रवात बन गए।

समस्तीपुर में आईएएनएस से बातचीत में वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि यह बहुत खुशी का पल है। वैभव ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की है। हालांकि, वे दोहरा शतक लगाने से चूक गए, लेकिन कोई बात नहीं, उन्होंने बहुत शानदार खेल दिखाया।

उन्होंने वैभव की बल्लेबाजी के बारे में कहा कि इससे बेहतर और क्या हो सकता है। हम शुरू से ही कह रहे थे कि वह फाइनल में शानदार खेलेगा।

उन्होंने कहा कि 15 साल से कम उम्र का लड़का इतना शानदार खेल रहा है। उसने भले ही दोहरा शतक नहीं लगाया, लेकिन उसने सिर्फ 80 गेंदें खेलीं और 175 रन ठोक दिए। अगर दूसरे खिलाड़ियों का साथ मिलता तो और भी अच्छा खेलता।

टीम इंडिया की सीनियर टीम का जिक्र करते हुए वैभव सूर्यवंशी के दादा उपेंद्र प्रसाद सिंह ने कहा कि जल्द ही उसे भारतीय सीनियर टीम में लाना चाहिए। वह भारतीय जर्सी के लिए दरवाजा तोड़ने को तैयार है और बहुत जल्द ही वह दरवाजा टूट जाएगा। मार्च के बाद वे सीनियर टीम का हिस्सा होंगे।

उन्होंने एक पूर्व क्रिकेटर का जिक्र करते हुए कहा कि मैंने उन्हें कमेंट्री पर सुना कि वे कह रहे थे कि यह 15 साल से कम उम्र का लड़का 100 मीटर के छक्के मार रहा है; इससे बढ़कर और क्या हो सकता है? यह बहुत बड़ी गर्व की बात है। वैभव देहात का लड़का है और आज शिखर पर पहुंच रहा है। हम सभी उसकी सफलता को लेकर बेहद खुश हैं।

--आईएएनएस

डीकेएम/डीएससी

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