उत्तराखंड पुलिस किसी के दबाव में नहीं आएगी : राजेंद्र पाल
नई दिल्ली, 29 अगस्त (आईएएनएस)। कांग्रेस के उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम ने राहुल गांधी के 'शुद्धिकरण' के मुद्दे, सोनिया गांधी की पुस्तक के प्रकाशन से कथित इनकार और आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में पार्टी द्वारा सम्मानजनक संख्या में सीटों की मांग पर शनिवार को आईएएनएस से बातचीत की।
उन्होंने कहा कि हम इंतजार करेंगे। हम उम्मीद करते हैं कि उत्तराखंड पुलिस सरकार के दबाव में नहीं आएगी, क्योंकि संविधान का अनुच्छेद 17 अस्पृश्यता पर प्रतिबंध लगाता है। लेकिन, इसका उल्लंघन हुआ है। अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निरोधक) अधिनियम में भी अस्पृश्यता पर प्रतिबंध लगाया गया है। कानून कहता है कि अगर पुलिस को इस मामले में फोन से भी किसी भी प्रकार की शिकायत मिलती है, तो फौरन मुकदमा दर्ज करना चाहिए। लेकिन, अफसोस की बात है कि अब तक सरकार गूंगी-बहरी बनकर बैठी थी। जिस तरह महेंद्र भट्ट ने शुद्धिकरण का समर्थन किया है। उसे देखते हुए उनके खिलाफ भी मकदमा दर्ज किया जाना चाहिए।
उन्होंने सोनिया गांधी की पुस्तक प्रकाशित नहीं किए जाने के फैसले पर भी अपनी तरफ से प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि इससे साफ जाहिर होता है कि मीडिया हो या प्रकाशक सभी पर दबाव है। सभी लोग दबाव में काम करने के लिए बाध्य हैं। मीडिया पर किस तरह से सरकार का दबाव है। यह बात किसी से छुपी नहीं है। रही बात किताब की, तो मैं साफ कर देना चाहता हूं कि नवंबर तक यह किताब प्रकाशित होकर आ जाएगी। कई पब्लिकेशन हाउस इस पुस्तक को प्रकाशित करने के लिए आ रहे हैं।
वहीं, उत्तर प्रदेश आगामी विधानसभा चुनाव में सीटों के बंटवारे को लेकर भी उन्होंने प्रतिक्रिया दी। उनके मुताबिक, पार्टी की ओर से बहुत जल्द ही इस पर फैसला लिया जाएगा। 403 सीटों पर हमारी तैयारी जारी है। हम लोग बहुत ही मजबूती से चुनाव लड़ेंगे। इस बार सरकार बदलेगी।
उधर, सपा के प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष महंत शुभम गिरि ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के उस बयान पर प्रतिक्रिया दी, जिसमें उन्होंने कहा था कि दलितों के साथ दुर्व्यवहार किया जा रहा है। इस पर अपना पक्ष रखते हुए शुभम गिरि ने कहा कि भारत सबसे बड़ा लोकतांत्रिक देश है। इससे पहले कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़के हल्द्वानी की धरती पर आए थे। उन्होंने वहां महारैली की थी। इसके बाद वहां पर शुद्धिकरण किया गया। लेकिन, इस तरह की मानसिकता नहीं होनी चाहिए, क्योंकि भाजपा में भी कई दलित नेता हैं। भाजपा को कड़ी कार्रवाई करनी चाहिए। इस तरह की मानसिकता गलत है।
--आईएएनएस
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