अदालत से थी न्याय की उम्मीद, प्रदर्शन कर रहे छात्रों को न्याय मिला : झामुमो
रांची, 2 सितंबर (आईएएनएस)। झारखंड मुक्ति मोर्चा के प्रवक्ता मनोज पांडे ने बुधवार को समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार व्यक्त किए।
उन्होंने कहा कि यह केंद्र सरकार के तानाशाही रवैये पर एक करारा तमाचा है। यह दुर्भाग्यपूर्ण था कि विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों के साथ दिल्ली पुलिस ने बर्बरतापूर्ण व्यवहार किया। उन पर कील लगी हुईं लाठियां भाजी गईं, यह दुर्भाग्यपूर्ण है। इसके बावजूद पुलिस ने प्रदर्शन में शामिल छात्रों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर ली। सुप्रीम कोर्ट ने छात्रों को न्याय दिया। ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट की विश्वसनीयता बढ़ी है। हमें न्याय की उम्मीद थी और छात्रों को न्याय मिला है। यह हमारे लिए सुखद एहसास है। इसके लिए मैं न्यायपालिका का दिल से आभारी हूं।
उन्होंने कहा कि इस बात को खारिज नहीं किया जा सकता है कि छात्रों के जरिए सीजेपी ने अपनी ताकत का प्रदर्शन किया। छात्रों के प्रदर्शन से केंद्र सरकार डरी हुई है। इसी वजह से वो लोगों का ध्यान भटकाने के लिए कभी वंदे मातरम तो कभी मल्लिकार्जुन खड़गे तो कभी जीडीपी जैसे मसलों का जिक्र करके लोगों को गुमराह करने की कोशिश कर रहे हैं। कुल मिलाकर, मौजूदा स्थिति से आप सहज ही अंदाजा लगा सकते हैं कि केंद्र सरकार कितनी डरी हुई है। अगर देश की जीडीपी 7.8 फीसदी के करीब पहुंच चुकी है, तो देश की जनता आज भी कोई सरकार की ओर से दिए जाने वाले अनाज पर क्यों आश्रित है। आखिर क्यों आपका विदेशी कर्ज तीन गुना बढ़ गया है? आखिर क्यों यहां के व्यापारी पलायन करने पर बाध्य हो रहे हैं।
मनोज पांडे ने एससीओ शिखर सम्मेलन में भारत के आतंकवाद के रूख को लेकर भी प्रधानमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि आखिर उस बैठक में क्या हुआ? चीन ने हमारी भूमि पर कब्जा किया हुआ है और हम उसी से बात कर रहे हैं। अरुणाचल प्रदेश के कितने हिस्से पर चीन ने अपना कब्जा कर लिया है। इस बारे में कोई बात नहीं हो रही है। स्थिति ऐसी हो चुकी है कि यूएन जैसी वैश्विक संस्था में भी हम पाकिस्तान की अपेक्षा कमजोर हो चुके हैं। संकट की घड़ी में हमारा कोई मित्र नहीं है। पड़ोसी भी हमारे साथ खड़े नहीं होते हैं। हमारी विदेश नीति पूरी तरह से विफल हो चुकी है। सिर्फ आवाज उठाने या आपत्ति जताने से कुछ होने वाला नहीं है। विदेश नीति से लेकर रक्षा नीति तक में यह सरकार पूरी तरह से विफल साबित हुई है।
उधर, पाकिस्तान की ओर से शंघाई सहयोग संगठन की बैठक से जुड़ी पीएम मोदी की तस्वीर क्रॉप किए जाने पर भी मनोज पांडे ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आखिर ये तस्वीर क्यों क्रॉप की गई, इस बारे में तो पाकिस्तान ही बता सकता है। वैसे क्रॉप का खेल तो भाजपा वाले ही खेलते हैं।
इसके अलावा, उन्होंने राम मंदिर को मिलने जा रहे नए सीईओ पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि आखिर नया चंपत राय कौन होगा? यह बहुत बड़ा प्रश्न है। आखिर कौन कर्ताधर्ता बनेगा? क्या फिर से चोरी बदस्तूर जारी रहेगी? या ये बंद भी होगी। इसे लेकर कई तरह के सवाल हैं। मुझे लगता है कि आगे चलकर जो भी सीइओ बनेगा, उसे फिर से आरएसएस के लोग ट्रेनिंग देंगे। यह अफसोस की बात है कि इन लोगों ने भगवान राम को भी बदनाम कर दिया। यह अफसोस की बात है कि इन लोगों ने भगवान राम की चरणपादुका तक गायब कर दी।
उन्होंने कहा कि मौजूदा प्रक्रिया से सब कुछ साफ हो चुका है कि यह सब कुछ भाजपा को जिताने के लिए हो रहा है। बंगाल में 30 लाख लोगों को मताधिकार के वंचित कर दिया गया था। सुप्रीम कोर्ट ने उन्हें फिर से बहाल कर दिया। आज बंगाल का परिणाम क्या होता, इस बात का अंदाजा सहज ही लगाया जा सकता है। आमतौर पर यह सभी वोट अल्पसंख्यक और आदिवासी समुदाय से जुड़े लोगों के काटे जा रहे हैं। इस तरह से पूरे लोकतंत्र का चीरहरण किया जा रहा है। हमें न्यायपालिका पर ही भरोसा है।
इसके अलावा, उन्होंने नेपाल में आई त्रासदी पर कहा कि यहां जो भूमिका भारत की दिखनी चाहिए थी, वो नहीं दिख रही है। सरकार को बड़े पैमाने पर राहत सामग्रियों के साथ नेपाल में सक्रियता दिखानी चाहिए थी। नेपाल हमारा पड़ोसी देश है। ऐसी स्थिति में हमें अपनी भूमिका स्पष्ट रखनी चाहिए थी। नेपाल में आई बाढ़ के संदर्भ में मैं यही कहूंगा कि हमारी विदेश नीति पूरी तरह से विफल है।
वहीं, उन्होंने साफ किया कि झारखंड में छात्रों पर कोई केस दर्ज नहीं किया गया। यह सभी केस असामाजिक तत्वों के लोगों पर दर्ज किए गए हैं।
--आईएएनएस
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