जदयू ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया : संजय कुमार झा
नई दिल्ली, 16 अप्रैल (आईएएनएस)। महिला आरक्षण बिल पर जदयू सांसद संजय कुमार झा ने कहा कि हमारी पार्टी ने हमेशा महिला आरक्षण का समर्थन किया है।
संजय कुमार झा ने कहा कि हमारे नेता नीतीश कुमार ने लगातार इसका समर्थन किया है। 2006 में जब वे बिहार के मुख्यमंत्री बने, तो उन्होंने पंचायतों और शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण लागू किया। जदयू हमेशा से महिला आरक्षण के पक्ष में रही है और यह बिल 2023 में ही पास हो चुका था। इसमें कुछ भी नया नहीं है। उस समय, सभी पार्टियों ने इसका समर्थन किया था।
भाजपा सांसद मनन कुमार मिश्रा ने महिला आरक्षण बिल पर कहा कि काफी समय से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का यह विजन रहा है कि महिलाओं को सशक्त बनाया जाए, उनका सम्मान हो और उन्हें उनका उचित हक मिले। इसी मकसद से 2023 में यह कानून पास किया गया था। हालांकि, इसमें कुछ कमियां थीं और उन्हें दूर करने के लिए यह बिल पेश किया जा रहा है। एक बार पास हो जाने के बाद, महिलाओं को लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में 33 प्रतिशत प्रतिनिधित्व मिलेगा।
महिला आरक्षण विधेयक को लेकर समाजवादी पार्टी के सांसद अवधेश प्रसाद ने कहा कि समाजवादी पार्टी हमेशा महिलाओं के सम्मान और उनके विकास की हमेशा पक्षधर रही है। मुलायम सिंह यादव जब उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तो पहली बार प्रदेश में पंचायतों के चुनाव में महिलाओं को आरक्षण दिया गया था।
अवधेश प्रसाद ने कहा कि आरक्षण मिलने से तमाम महिलाएं प्रधान बनीं, बीडीसी सदस्य बनीं, जिला पंचायत सदस्य बनीं, अध्यक्ष बनीं और ब्लॉक प्रमुख बनीं। अयोध्या में जिला पंचायत अध्यक्ष भी महिला हैं। उन्होंने कहा कि महिलाओं का सदैव समाजवादी पार्टी और अखिलेश यादव सम्मान करते हैं।
कांग्रेस सांसद चमाला किरण कुमार रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस पार्टी या 'इंडिया' गठबंधन की राजनीतिक पार्टियां महिला आरक्षण बिल के खिलाफ नहीं हैं। हमारा मकसद यह है कि इसे लागू किया जाए। 2023 में ही लोकसभा में सभी राजनीतिक पार्टियों ने महिला आरक्षण बिल के समर्थन में अपनी राय जाहिर कर दी थी। इस सरकार ने 2024 में इसे लागू नहीं किया बल्कि एक शर्त जोड़ दी कि इसे 2027 में जनगणना के बाद ही लागू किया जाएगा।
--आईएएनएस
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