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हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस पर बरसे सीएम धामी, बोले-विपक्ष गढ़ता है मनगढ़ंत मुद्दे (आईएएनएस साक्षात्कार )

हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस पर बरसे सीएम धामी, बोले-विपक्ष गढ़ता है मनगढ़ंत मुद्दे (आईएएनएस साक्षात्कार )
हल्द्वानी शुद्धिकरण मामले में कांग्रेस पर बरसे सीएम धामी, बोले-विपक्ष गढ़ता है मनगढ़ंत मुद्दे (आईएएनएस साक्षात्कार )

बनबसा, 4 अक्टूबर (आईएएनएस)। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को पहली बार बनबसा में कैबिनेट बैठक की। इसके बाद समाचार एजेंसी आईएएनएस को इंटरव्यू दिया, जिसमें उन्होंने कई अहम मुद्दों पर अपनी राय रखी। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री ने समान नागरिक संहिता (यूसीसी), सीमावर्ती क्षेत्रों के विकास, महिला सशक्तीकरण और पलायन जैसे मुद्दों पर सरकार की उपलब्धियां गिनाईं।

सवाल: बनबसा में कैबिनेट बैठक आज यहां की गई। साथ ही साथ कई योजनाओं की भी सौगात दी गई है। इसको आप किस तरह से देखते हैं।

जवाब: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने क्षेत्रों को विकास की मुख्य धारा में लाने का संकल्प लिया है। हमारे राज्य का माणा गांव, जो भारत का अंतिम गांव कहा जाता था, उस गांव से उन्होंने घोषणा की थी कि कि माणा गांव और माणा गांव जैसे अब सभी सीमांत के गांव पहले गांव होंगे और उनका विकास प्राथमिकता से किया जाएगा। हर प्रकार से उनकी स्थापना की जाएगी। वहां योजनाएं लाई जाएंगी और भविष्य में वहां जो भी संभावना है, उन संभावनाओं पर काम करके आगे की चीजों को प्रस्तावित किया जाएगा।

उसी क्रम में यहां पर यह बनबसा टनकपुर का जो क्षेत्र है, यह मां पूर्णागिरी का धाम है। गुलजू महाराज का स्थान है। शारदा मैया का भी यह तट है। शारदा मैया बहुत पौराणिक है। यहां पर भारत-नेपाल सीमा भी है। यहां पर छावनी परिषद भी है। अर्धसैनिक बल्कि बड़ी संख्या में यहां काम करते हैं, कैलाश मानसरोवर यात्रा का रूप भी है। आदि कैलाश यात्रा का भी रूप है। इसके साथ ही अनेक धार्मिक स्थल यहां हैं और उत्तर प्रदेश सीमा से भी लगा हुआ है तो इस क्षेत्र से सरकार यहां आई। यहां पर मंत्रिमंडल के फैसले यहां से हुए हैं और एक अच्छा अनुभव है। यह अच्छा लोगों ने इसको अच्छा माना है। इसको हम लोग आगे भी बढ़ाएंगे कि सरकार कहीं से भी राज्य के महत्वपूर्ण फैसले ले सकती है। वह आज यहां बनबसा में यहां के स्थानीय स्तर पर भी और राज्य के स्तर पर भी इसकी शुरुआत हुई।

सवाल: एक बड़ा मैसेज प्रदेश और देश में गया है कि दूरस्थ गांव में कैमरा के साथ बैठक करना बड़ी बात है, इस बारे में पहले की सरकार ने कभी सोचा भी नहीं था।

जवाब: हमारा मानना है कि सरकार को हर छोटे-बड़े स्थान पर जाना चाहिए और सरकार का कार्य विकेंद्रित होना चाहिए। राज्य के बहुत सारे ऐसे स्थान हैं, जहां पहले कभी कोई नहीं गया। मैं उन स्थानों पर पहुंचा हूं और यह कोशिश हमारी या पूरी सरकार के स्तर पर है और आगे भी हम इसको आगे भी बढ़ाएंगे।

सवाल: इस पर भी विपक्ष कटाक्ष करने से नहीं चूक रहा है। इतनी दूर बैठक कराई जा रही है, कई मुद्दों को लेकर विपक्ष सामने आता है कि उत्तराखंड इस तरह की चीज कर रहा है।

जवाब: देखिए, युवराज भारत की संस्कृति और भारत के संस्कार से अनभिज्ञ हैं, उनके व्यवहार में नहीं है, उनके संस्कार में नहीं है। नहीं तो जब प्रधानमंत्री बुजुर्ग माता को कुर्सी देते हैं तो वे उसकी कॉमेडी करते हैं। वह लीडर नहीं रह गए, कॉमेडियन बनना चाह रहे हैं और कॉमेडी बन गए हैं। मंचों पर वे निम्नतर स्तर की चीजें कर रहे हैं। निम्नतर स्तर का व्यवहार कर रहे हैं। अजीत डोभाल साहब हमारेदेश के गौरव हैं, उत्तराखंड के लाल हैं। उन्होंने पूरा जीवन भारत की सुरक्षा, आंतरिक सुरक्षा और भाई सुरक्षा में लगाया है। हमें गर्व हैं उन पर, उनके बारे में जिस प्रकार की भाषा का प्रयोग करते हैं, मैं समझता हूं देशवासी तो देशवासी, लेकिन उत्तराखंड वासी इनको कभी माफ नहीं करेंगे। वह दिल पर गहरा आघात पहुंचाने वाली हैं। उन पर इस प्रकार से टिप्पणी करना, इस प्रकार से बोलना और उससे पहले हमारे राज्य के जनरल बिपिन रावत, जो पहले सीडीएस थे, उनके बारे में गली के गुंडे जैसा शब्द का प्रयोग करना, उनकी पार्टी के लोग करते थे, उनके नेता करते थे। तो इनकी मानसिकता दर्शाता है।

हम यहां पर तेरह हजारों एकड़ जमीन खाली कराते हैं, उस पर कभी एक शब्द नहीं बोलते हैं। हल्द्वानी में अनुसूचित समाज के शिल्पकार भाई, वाल्मीकि भाई शुद्धि हवन करते हैं क्योंकि वहां पर जिहादी नारे लगते हैं। रैली में गंदगी होती है, शराब की बोतलें फेंकी जाती हैं और अन्य कूड़ा कचरा किया जाता है, उस इस मुद्दे कोराजनीतिक रूप दिया जाता है। हम किसी भी जाति और धर्म अपमान नहीं करते विपक्ष ने कार्यक्रम से पहले न कोई प्रेस विज्ञप्ति और न कोई वीडियो जारी किया था। दलित समाज के लोग उसमें शामिल थे।

जब उसकी सच्चाई सामने आई, तो कांग्रेस पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। उनके पास कोई मुद्दे नहीं है, इसलिए मनगढ़ंत मुद्दे बनाते हैं। दो चार दिन बाद उनको मुंह की खानी पड़ती है। इस बार गलत लोगों का नाम हटाए जा रहे हैं, घुसपैठियों के वोट हटाए जा रहे हैं और जिनके तीन-चार जगह पर वोट हैं, उनको हटाया जा रहा है। ये लोग वोटों के चुनाव को प्रभावित करते थे। चुनाव में धांधली होती थी, फर्जी मतदान होता था। अब जिन बेटियों का विवाह हो चुका है और दूसरे स्थान पर चली गई है तो उनका वोट क्यों होगा वहां पर, दूसरी जगह होगा। कोई हमारे बीच से दिवंगत हो गए, उनका वोट क्यों होना चाहिए? तीन-तीन, चार-चार जगह वाले लोगों का वोट क्यों होना चाहिए? इनका काम हो गया है कि हर चीज का विरोध करना, कभी चुनाव आयोग का विरोध करेंगे, कभी ईवीएम मशीन का विरोध करेंगे, कभी प्रशासन का विरोध करेंगे, मशीनरी का विरोध करेंगे कोई ऐसी संस्था बची नहीं है जिस पर इनकी टिप्पणी न होती हों तो पूरा देश देख रहा है, पूरा उत्तराखंड देख रहा है, तो सब संस्थाएं चलेंगी, तो वह अपने नीति से, नियम से, कानून से, भारत के संविधान से चलेंगी, व्यवस्था से चलेंगी, यह अराजकता फैलाना कि ठीक नहीं है और लोग इसको अच्छा नहीं मानते।

सवाल: आप यूसीसी लाए थे, आज कई राज्यों में है और अभी गुजरात में स्वीकृति दी गई है और आपके ही द्वारा जो चीजें बनाई थीं, कई राज्य लागू नहीं कर रहे हैं।

जवाब: प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में हम लोग चुनाव में गए थे। 2022 में हमने उत्तराखंड की जनता को वचन दिया था कि हम यूसीसी लाएंगे। उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने हमको आशीर्वाद दिया और हमने अपना वचन पूरा किया। यूसीसी का ड्राफ्ट बना, रंजना प्रकाश देसाई समिति की चेयरमैन बनीं और समिति के अन्य सदस्यों ने भी काम किया। यूसीसी का ड्राफ्ट सारे स्टेक होल्डर्स से बातचीत करने के बाद बना है। हमें खुशी है कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखंड की जनता ने हमको आशीर्वाद दिया, जनादेश दिया और हमने वह काम किया और आज वह पूरे देश में आगे बढ़ रहा है।

--आईएएनएस

एसएके/वीसी

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