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गुरुओं की इस पावन धरती पर नशे के लिए कोई स्थान नहीं है: गुलाब चंद कटारिया

तरन तारन, 9 फरवरी (आईएएनएस)। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रदेश में नशों के खिलाफ संघर्ष को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से चल रही तीव्र नशा-विरोधी जागरूकता मुहिम के दूसरे चरण के तहत सोमवार को सीमावर्ती जिलों में नशों के खिलाफ चार दिवसीय पदयात्रा का शुभारंभ तरन तारन से किया। पदयात्रा से पूर्व उन्होंने तरन तारन स्थित दरबार साहिब में शीश नवाया और सर्वत्र भलाई तथा प्रदेश की खुशहाली के लिए अरदास की।
गुरुओं की इस पावन धरती पर नशे के लिए कोई स्थान नहीं है: गुलाब चंद कटारिया

तरन तारन, 9 फरवरी (आईएएनएस)। पंजाब के राज्यपाल एवं चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने प्रदेश में नशों के खिलाफ संघर्ष को और सशक्त बनाने के उद्देश्य से चल रही तीव्र नशा-विरोधी जागरूकता मुहिम के दूसरे चरण के तहत सोमवार को सीमावर्ती जिलों में नशों के खिलाफ चार दिवसीय पदयात्रा का शुभारंभ तरन तारन से किया। पदयात्रा से पूर्व उन्होंने तरन तारन स्थित दरबार साहिब में शीश नवाया और सर्वत्र भलाई तथा प्रदेश की खुशहाली के लिए अरदास की।

श्री गुरु हरकृष्ण पब्लिक स्कूल से तरन तारन पुलिस लाइन तक आयोजित इस पदयात्रा में प्रदेश भर से हजारों विद्यार्थी, एनजीओ और अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तित्व शामिल हुए। देशभक्ति गीतों और बैंड की मधुर धुनों से सजी इस पदयात्रा ने पंजाब को पुनः रंगला और नशा-मुक्त बनाने का सशक्त संदेश दिया।

इस अवसर पर राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने बताया कि जागरूकता अभियान के इस दूसरे चरण में तरन तारन, फिरोजपुर और फाजिल्का जैसे सीमावर्ती जिलों में चार दिवसीय जागरूकता पदयात्रा निकाली जा रही है, जिसका उद्देश्य नशों के खिलाफ जनभागीदारी को संगठित करना है। उन्होंने कहा कि पंजाब रेड क्रॉस सोसाइटी के प्रयासों से आयोजित इस पदयात्रा का उद्देश्य नशों के घातक प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाना है।

राज्यपाल ने दोहराया कि नशे के खिलाफ लड़ाई में कानून का सख्त प्रवर्तन, निरंतर जन-जागरूकता के साथ-साथ पुनर्वास और रोजगार सृजन को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उन्होंने समाज के सभी वर्गों से इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशे का दुरुपयोग केवल स्थानीय या प्रांतीय समस्या नहीं, बल्कि वैश्विक चुनौती है, जिसके लिए सतत और सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।

राज्यपाल ने कहा कि गुरुओं की इस पावन धरती पर नशे के लिए कोई स्थान नहीं है। यह राज्यपाल का नहीं, बल्कि जनता का आंदोलन है। अकेले सरकारें यह लड़ाई नहीं लड़ सकतीं। सरकारें अपने स्तर पर प्रयास कर रही हैं, पर इसे जड़ से समाप्त करने के लिए जनता को आगे आना होगा। हम सबको मिलकर लड़ना होगा, तभी नशा खत्म होगा।

उन्होंने कहा कि नशा करने वालों से नफरत नहीं, बल्कि प्यार और सहायता से उन्हें नशे से दूर किया जाए। युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने से ही नशे की समस्या पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सकता है।

--आईएएनएस

एमएस/

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