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गुरुग्राम पुलिस का वायरल वीडियो केस में बड़ा एक्शन, फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट साजिश में दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार को एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो से संबंधित फर्जी फोरेंसिक एवं साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने के कथित षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है।
गुरुग्राम पुलिस का वायरल वीडियो केस में बड़ा एक्शन, फर्जी फोरेंसिक रिपोर्ट साजिश में दो आरोपी गिरफ्तार

नई दिल्ली, 23 जून (आईएएनएस)। गुरुग्राम पुलिस ने मंगलवार को एक अत्यंत संवेदनशील एवं महत्वपूर्ण प्रकरण में त्वरित एवं प्रभावी कार्रवाई करते हुए वायरल वीडियो से संबंधित फर्जी फोरेंसिक एवं साइबर विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कराने के कथित षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है।

इस मामले में पुलिस थाना डीएलएफ सेक्टर-29, गुरुग्राम में संबंधित धाराओं के तहत शिकायत अंकित की गई। केस दर्ज होने के तुरंत बाद अपराध शाखा सेक्टर-40, गुरुग्राम की टीम ने कार्रवाई करते हुए, इस मामले में संलिप्त दो आरोपियों को मंगलवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में सफलता प्राप्त की।

प्राप्त शिकायत के अनुसार, शिकायतकर्ता, जो डिजिटल फोरेंसिक, साइबर जांच एवं इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य विश्लेषण से संबंधित कार्यों से जुड़ा हुआ है, को कुछ व्यक्तियों द्वारा स्वयं को पंजाब सरकार के वरिष्ठ अधिकारी बताकर संपर्क किया गया। शिकायतकर्ता को एक वायरल वीडियो के संबंध में ऐसी फोरेंसिक रिपोर्ट तैयार कराने के लिए कहा गया, जिसमें पूर्व निर्धारित निष्कर्षों के अनुरूप वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान से इनकार किया जाना था तथा वीडियो से जुड़े सभी आरोपों को असत्य दर्शाने का प्रयास किया जाना था।

शिकायतकर्ता के अनुसार, उसे इस कार्य के लिए विभिन्न व्यक्तियों से संपर्क करवाया गया तथा कथित रूप से फर्जी अथवा संदिग्ध साइबर एवं फोरेंसिक संस्थाओं के नाम से रिपोर्ट तैयार करवाई गई। शिकायत में यह भी उल्लेख किया गया कि रिपोर्ट तैयार करने के लिए भारी धनराशि का प्रलोभन दिया गया तथा तैयार की गई रिपोर्टों में बार-बार संशोधन करवाकर उन्हें एक विशेष निष्कर्ष की दिशा में मोड़ा गया।

मामले में यह भी आरोप लगाया गया कि शिकायतकर्ता को कथित रूप से 10 लाख रुपए की नकद राशि उपलब्ध कराई गई और रिपोर्ट तैयार करने में शामिल अन्य व्यक्तियों को भी विभिन्न माध्यमों से भुगतान किया गया। शिकायतकर्ता द्वारा बाद में तथ्यों की जांच करने पर संबंधित संस्थाओं एवं रिपोर्टों की विश्वसनीयता पर गंभीर संदेह उत्पन्न हुआ। जब शिकायतकर्ता ने इस संबंध में आपत्ति जताई तो उसे कथित रूप से धमकियां दी गईं तथा मामले को सार्वजनिक न करने के लिए दबाव बनाया गया।

इसी संबंध में शिकायत प्राप्त होने के उपरांत गुरुग्राम पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कानूनी कार्रवाई प्रारंभ की। प्रारंभिक जांच, तकनीकी विश्लेषण, डिजिटल साक्ष्यों, वित्तीय लेन-देन एवं उपलब्ध तथ्यों के आधार पर पुलिस थाना डीएलएफ सेक्टर-29, गुरुग्राम में अभियोग दर्ज किया गया।

अभियोग दर्ज होने के पश्चात पुलिस उपायुक्त अपराध, गुरुग्राम के मार्गदर्शन में उप-निरीक्षक ललित, प्रभारी अपराध शाखा सेक्टर-40, गुरुग्राम के नेतृत्व में विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया। गठित पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामले में संलिप्त दो आरोपियों को मंगलवार को गुरुग्राम से गिरफ्तार करने में बड़ी सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंकित महेंदरु (उम्र 25 वर्ष, निवासी अग्रसेन कॉलोनी, सिरसा) और अंकित (उम्र-25 वर्ष, निवासी खरक गागर, जींद) के रूप में हुई है।

पुलिस टीम द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों से फर्जी फोरेंसिक एवं साइबर रिपोर्ट तैयार करने में शामिल व्यक्तियों की पहचान, रिपोर्ट तैयार करने वाली संस्थाओं की वास्तविकता एवं वैधता की जांच, धनराशि के स्रोत, वितरण एवं वित्तीय लेन-देन की विस्तृत जांच, पूरे षड्यंत्र में शामिल अन्य व्यक्तियों एवं संभावित लाभार्थियों की पहचान, डिजिटल साक्ष्यों के साथ की गई किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ अथवा हेरफेर की जांच सहित मामले में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों, दस्तावेजों एवं अन्य साक्ष्यों का वैज्ञानिक विश्लेषण इत्यादि के संबंध में गहनता से पूछताछ करते हुए आगे की कार्रवाई की जा रही है।

--आईएएनएस

डीके/एबीएम

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