'गुरु-विरोधी' घोषित किए जाने पर भगवंत मान को भाजपा नेताओं ने घेरा, बोले- यह कृत्य बर्दाश्त के बाहर है
चंडीगढ़, 16 जून (आईएएनएस)। अकाल तख्त की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-विरोधी' घोषित किए जाने पर भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आई है।
आईएएनएस से बातचीत करते हुए भाजपा नेता फतेह जंग बाजवा ने कहा कि भागवंत मान की ओर से गुरु साहिब की बेअदबी की गई। जो सिख होकर अपने गुरुओं की इज्जत नहीं करता, उसको पंथ का दोषी माना गया है। अकाल तख्त की ओर से एक बयान जारी कर कहा गया है कि इनके साथ बिल्कुल बात नहीं करनी है। भगवंत मान का यह कृत्य बर्दाश्त के बाहर है।
फतेह जंग बाजवा ने आगे कहा कि आम आदमी पार्टी और खास कर भगवंत मान की ओर से जिस तरह का काम किया गया है, इसको लेकर एफआईआर दर्ज की जानी चाहिए और जेल भेजा जाना चाहिए। क्योंकि भगवंत मान ने गुरुओं की बेअदबी की है। इनका यह बर्ताव बर्दाश्त के काबिल नहीं है।
उन्होंने कहा कि भगवंत मान को मुख्यमंत्री की कुर्सी से हटाना चाहिए। अगर सिख पंथ और अकाल तख्त साहिब का कोई कहना नहीं मानता तो वह पंजाब में कैसे लोगों का सामना कर पाएगा? ऐसे लोग पंजाब में सिखों के पास कैसे वोट मांगने जाएंगे? इनके लिए काफी कठिनाई वाली बात है। मेरा मानना है कि भगवंत मान कितने भी अच्छे हों, लेकिन जिस तरह से शराब के नशे में काम किया है, उनको अपनी कुर्सी छोड़ देनी चाहिए। इससे हो सकता है शायद पंजाब के लोग और सिख समुदाय माफ कर दे।
फतेह जंग बाजवा ने आरोप लगाते हुए कहा कि ये लोग (भगवंत मान) कहेंगे कि हम भगत सिंह के चेले हैं, लेकिन इनको कुर्सी से प्यार है। ये कुर्सी नहीं छोड़ने वाले हैं। उन्होंने कहा कि अकाल तख्त की ओर से जिस तरह से इनके खिलाफ कार्रवाई की गई है, मुझे लगता है कि अब ये पंजाब में घूम भी नहीं पाएंगे। भगवंत मान के लिए आज का दिन काले अध्याय की तरह है।
अकाल तख्त की ओर से पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को 'गुरु-विरोधी' घोषित किए जाने पर भाजपा नेता आरपी सिंह ने कहा, "कुछ महीने पहले भगवंत मान के कुछ वीडियो वायरल हुए थे। उन वीडियो को लेकर अकाल तख्त साहिब ने भगवंत मान सरकार से कहा था कि या तो वे खुद उनकी जांच करवाएं या हमें उनकी जांच करने दें। उन वीडियो में भगवंत मान कथित तौर पर नशे की हालत में थे और गुरु की तस्वीर पर शराब छिड़क रहे थे। ये वीडियो बेहद आपत्तिजनक हैं।
कांग्रेस सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि वो एक गंदा आदमी है। अकाल तख्त साहिब की उसने बेअदबी की थी।
कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने कहा, "बैठक के बाद, अकाल तख्त साहिब के प्रतिनिधियों ने फैसले की घोषणा की। यहां तक कि महाराजा रणजीत सिंह जी ने भी एक बार अकाल तख्त का आदेश माना था। जब उन्हें कोड़े मारने की सजा का आदेश दिया गया, तो वे हाथ जोड़कर खड़े हो गए। इसलिए, सिख समुदाय ने हमेशा अकाल तख्त के सामने सिर झुकाया है और उसके आदेशों का पालन किया है। वहां से जो भी निर्देश आता है, सिख समुदाय उसे स्वीकार करता है।"
--आईएएनएस
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