गुरु प्रकाश का विपक्ष पर हमला, कहा- राम के अस्तित्व पर सवाल उठाने वाले आस्था की बात कर रहे
पटना, 8 जुलाई (आईएएनएस)। राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर सियासत थमने का नाम नहीं ले रही है। एक तरफ विपक्ष इसको लेकर रोज नए-नए आरोप लगा रहा है, तो दूसरी तरफ सरकार आरोप के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिला रही है। इस बीच भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने विपक्ष पर तीखा पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि जो कभी भगवान राम के अस्तित्व पर सवाल उठा रहे थे आज खुद को राम भक्त के रूप में पेश करने की कोशिश कर रहे हैं और आस्था को लेकर प्रमाण पत्र बांट रहे हैं।
गुरु प्रकाश ने कहा कि विपक्षी नेताओं को अपने पुराने रुख और कार्यों पर भी नजर डालने की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि जब सबरीमाला जैसे धार्मिक मुद्दे सामने आते हैं या वक्फ से जुड़े विषय उठते हैं, तब विपक्ष के लोग चुप्पी साध लेते हैं, लेकिन राम मंदिर से जुड़े मामले में राजनीति करने की कोशिश कर रहे हैं।
गुरु प्रकाश ने आरोप लगाया कि विपक्ष द्वारा इस पूरे विषय का राजनीतिकरण किया जाना दोहरे मापदंडों की पराकाष्ठा है। देश की जनता और राम भक्त काफी परिपक्व हैं और वे राजनीतिक दिखावे को समझते हैं। उन्होंने विपक्ष पर मानसिक दिवालियापन का आरोप लगाते हुए कहा कि धार्मिक विषयों पर राजनीति करने के बजाय सभी दलों को लोगों की भावनाओं और आस्था का सम्मान करना चाहिए।
गुरु प्रकाश ने कहा कि जैसे ही यह मामला सरकार के संज्ञान में आया, उसके बाद एफआईआर दर्ज करने, एसआईटी जांच, इन्वेस्टिगेशन, गिरफ्तारी और जब्ती जैसी सभी आवश्यक कार्रवाई की गई। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले में तेजी और संवेदनशीलता के साथ कदम उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि किसी भी व्यक्ति की संलिप्तता जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पहले ही स्पष्ट कर चुके हैं कि राम मंदिर से जुड़े किसी भी मामले में दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा और ऐसी कार्रवाई की जाएगी जो भविष्य के लिए उदाहरण बने। गुरु प्रकाश ने कहा कि मंदिर, मठ और आस्था से जुड़े स्थानों पर किसी भी प्रकार की अनियमितता सामने आती है तो उसकी जांच होना जरूरी है और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई भी होनी चाहिए।
बद्रीनाथ मंदिर समिति द्वारा अध्यक्ष के निजी सहायक प्रमोद नौटियाल को निलंबित करने और चार सदस्यीय जांच समिति गठित किए जाने के मामले पर गुरु प्रकाश ने कहा कि जहां भी किसी प्रकार की शंका या शिकायत होती है, वहां जांच होना जरूरी है। उन्होंने कहा कि मंदिरों, मठों और धार्मिक संस्थानों से लोगों की आस्था जुड़ी होती है। ऐसे स्थानों पर यदि किसी भी तरह की अनियमितता सामने आती है तो निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए।
भाजपा प्रवक्ता गुरु प्रकाश ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की इंडोनेशिया और ऑस्ट्रेलिया यात्रा को लेकर भी अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि भारत और इंडोनेशिया के संबंध हजारों वर्षों पुराने सांस्कृतिक और सभ्यतागत संबंधों पर आधारित हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच समुद्री और सांस्कृतिक संबंध भी काफी मजबूत हैं। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को इंडोनेशिया के सर्वोच्च सम्मान से सम्मानित किए जाने को देश के लिए गर्व का विषय बताया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान केवल प्रधानमंत्री का नहीं बल्कि 140 करोड़ भारतीयों का सम्मान है और विश्व स्तर पर भारत के बढ़ते प्रभाव का प्रतीक है।
बिहार के बांकीपुर उपचुनाव के लिए बीजेपी द्वारा युवा नेता अभिषेक कुमार को उम्मीदवार बनाए जाने पर गुरु प्रकाश ने कहा कि बांकीपुर की जनता लंबे समय से बीजेपी पर विश्वास जताती रही है। उन्होंने कहा कि पार्टी लगातार जनता के बीच रहकर काम करती है और केवल चुनाव के समय दिखाई देने वाली पार्टियों से अलग है। उन्होंने कहा कि बीजेपी 365 दिन काम करने वाली पार्टी है। उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि चुनाव के समय सक्रिय होने वाले नेताओं को जनता पहचानती है। उन्होंने दावा किया कि बांकीपुर की जनता विकास और सेवा के आधार पर फैसला करेगी।
नौकरी के बदले जमीन और आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मामलों पर गुरु प्रकाश ने कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों को कभी न कभी जवाब देना पड़ता है। उन्होंने कहा कि सत्ता में रहते हुए किए गए कथित भ्रष्टाचार के मामलों में जांच और कानूनी प्रक्रिया चल रही है।
उन्होंने आरोप लगाया कि नौकरी देने के बदले जमीन लेने जैसे मामले राजनीति में भ्रष्टाचार का उदाहरण हैं। उन्होंने कहा कि राजनीति का उद्देश्य देश सेवा और समाज निर्माण होना चाहिए, न कि पैसा कमाने का माध्यम।
गुरु प्रकाश ने लालू प्रसाद यादव और उनके परिवार पर निशाना साधते हुए कहा कि परिवारवाद और भ्रष्टाचार की राजनीति से जनता परेशान है। उन्होंने कहा कि नेताओं को समझना चाहिए कि राजनीति सेवा, त्याग और समर्पण का माध्यम है।
--आईएएनएस
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