Samachar Nama
×

गुरु प्रदोष पर अभिजीत मुहूर्त के साथ पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी, नोट कर लें पंचक और राहुकाल

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव व माता पार्वती की आराधना को समर्पित प्रदोष व्रत 14 मई (गुरुवार) को है। गुरुवार को यह दिन पड़ रहा है,जिस वजह से इसे गुरु प्रदोष व्रत भी कहा जाता है। खास बात है कि इस प्रदोष पर शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। हालांकि, पंचक और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है।
गुरु प्रदोष पर अभिजीत मुहूर्त के साथ पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी, नोट कर लें पंचक और राहुकाल

नई दिल्ली, 13 मई (आईएएनएस)। देवाधिदेव महादेव व माता पार्वती की आराधना को समर्पित प्रदोष व्रत 14 मई (गुरुवार) को है। गुरुवार को यह दिन पड़ रहा है,जिस वजह से इसे गुरु प्रदोष व्रत भी कहा जाता है। खास बात है कि इस प्रदोष पर शुभ संयोग बन रहा है। इस दिन अभिजीत मुहूर्त के साथ पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग प्रभावी रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य को शुरू करने के लिए बेहद अनुकूल माना जाता है। हालांकि, पंचक और राहुकाल जैसे अशुभ समय का ध्यान रखना भी जरूरी है।

प्रदोष व्रत हर माह की त्रयोदशी तिथि पर रखा जाता है। जब त्रयोदशी तिथि प्रदोष काल के दौरान व्याप्त होती है, तो वह शिव पूजा के लिए सर्वश्रेष्ठ समय होता है। गुरुवार को पड़ने वाले प्रदोष को गुरु प्रदोष या बृहस्पति प्रदोष कहा जाता है। इस दिन व्रत-उपवास करने से आध्यात्मिक उन्नति, धर्म ज्ञान, शिक्षा, धन-समृद्धि और सुख की प्राप्ति होती है। यह विशेष दिन भगवान शिव के साथ देवगुरु बृहस्पति व नारायण की विशेष कृपा प्राप्ति का भी है।

गुरुवार को सूर्योदय 5 बजकर 31 मिनट पर व सूर्यास्त शाम 7 बजकर 4 मिनट पर होगा। प्रदोष काल शाम 7 बजकर 4 मिनट से रात 9 बजकर 9 मिनट तक रहेगा। वहीं, त्रयोदशी तिथि 14 मई की सुबह 11 बजकर 20 मिनट से अगले दिन यानी 15 मई की सुबह 8 बजकर 31 मिनट रहेगी।

भक्त अभिजीत मुहूर्त में महादेव की पूजा, रुद्राभिषेक या व्रत कर सकते हैं। पूरे दिन सर्वार्थ सिद्धि योग होने से पूजा-पाठ, मंत्र जाप और शुभ कार्यों के लिए दिन बेहद अच्छा रहेगा। हालांकि राहुकाल और पंचक में कोई नया काम शुरू न करें।

शुभ मुहूर्त की बात करें तो अभिजीत मुहूर्त सुबह 11 बजकर 51 मिनट से दोपहर 12 बजकर 45 मिनट तक रहेगा। वहीं, सर्वार्थ सिद्धि योग पूरे दिन प्रभावी रहेगा। विजय मुहूर्त दोपहर 2 बजकर 33 मिनट से 3 बजकर 27 मिनट तक, अमृत काल रात 8 बजकर 20 मिनट से 9 बजकर 49 मिनट तक और ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4 बजकर 7 मिनट से 4 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जो नए कार्य शुरू करने के लिए उत्तम माना जाता है।

अशुभ समय की बात करें तो राहुकाल दोपहर 1 बजकर 59 मिनट से 3 बजकर 41 मिनट तक, पंचक सुबह 5 बजकर 31 मिनट से रात 10 बजकर 34 मिनट तक, यमगंड सुबह 5 बजकर 31 मिनट से 7 बजकर 13 मिनट तक रहेगा। गुलिक काल सुबह 8 बजकर 54 मिनट से 10 बजकर 36 मिनट तक रहेगा और दुर्मुहूर्त सुबह 10 बजकर 2 मिनट से 10 बजकर 56 मिनट तक रहेगा।

--आईएएनएस

एमटी/एएस

Share this story

Tags