गुजरात सरकार की एग्जीबिशन सपोर्ट स्कीम, कलाकारों को देश-विदेश में अपनी कला प्रदर्शित करने का मिल रहा मौका
अहमदाबाद, 28 सितंबर (आईएएनएस)। एक कलाकार को अगर अपनी कला प्रदर्शित करने के लिए उचित प्लेटफॉर्म मिले और इसके लिए आर्थिक मदद भी मिले, तो इससे अच्छी बात उनके लिए कुछ नहीं हो सकती है। गुजरात में कला के संरक्षण और कलाकारों के सशक्तीकरण के लिए मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में गुजरात राज्य ललित कला अकादमी ‘एग्जीबिशन सपोर्ट स्कीम’ के माध्यम से इसी दिशा में कार्य कर रही है।
इस योजना के तहत मूल रूप से गुजरात के कलाकारों को विजुअल आर्ट जैसे कि चित्रकला, मूर्तिकला, ग्राफिक आर्ट और फोटोग्राफी के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। कलाकारों के मुताबिक, आर्थिक सहायता से उन्हें अपनी कला को देश-विदेश में प्रदर्शित करने में मदद मिलती है और उभरते आर्टिस्टों का हौसला भी बढ़ता है।
अहमदाबाद की आर्टिस्ट रीमा ने बताया कि ललित कला अकादमी और सरकार का बहुत-बहुत आभार मानती हूं। उनसे उभरते कलाकारों को बहुत अच्छी मदद मिल रही है। केवल पैसों से मदद होना ही जरूरी नहीं है, बल्कि किसी भी कलाकार को पहले तो मानसिक रूप से तैयार करना जरूरी है। ललित कला अकादमी के पास इतने अच्छे हर कला से जुड़े आर्टिस्ट हैं, जो इतने कलाकारों को बहुत प्रोत्साहित करते हैं।
आर्टिस्ट निहारिका शाह ने कहा कि खासकर जो उभरते हुए कलाकार हैं, उनके लिए तो यह सहायता बहुत ही उपयोगी साबित होती है। साथ ही, आप दूसरे राज्य या दूसरे देश के साथ भी जुड़ते हैं। उन लोगों की कला का प्रदर्शन यहां होता है। हमारे कलाकार इस सहायता का उपयोग करके बाहर जाते हैं। इसके कारण उन्हें भी एक प्रकार का एक्सपोजर मिलता है।
सरकार की ‘एग्जीबिशन सपोर्ट स्कीम’ के अंतर्गत गुजरात के कलाकारों को राज्य के भीतर प्रदर्शनी आयोजित करने के लिए 50,000 रुपए, देश के दूसरे राज्यों में प्रदर्शनी के लिए 2 लाख और विदेश में एग्जीबिशन के लिए 2 लाख रुपए की आर्थिक मदद के साथ वीजा शुल्क और इकोनॉमिक क्लास एयर फेयर दिया जाता है। इसके लिए कलाकारों को गुजरात राज्य ललित कला अकादमी में आवेदन करना होता है और फिर एक कमेटी योग्य कलाकारों का चयन कर उन्हें वित्तीय मदद की मंजूरी प्रदान करती है।
ललित कला अकादमी के अध्यक्ष योगेश बी. निरगुडे ने कहा कि जो कलाकार हैं, उनसे हम आवेदन मंगवाते हैं या वे हमारे पास अप्लाई करते हैं, और जो गौरव पुरस्कार प्राप्त विशेषज्ञ हैं, उनके माध्यम से इसकी जांच कराई जाती है जो अच्छी गुणवत्ता की कलाएं या कृतियां होती हैं। उनका चयन किया जाता है। बड़े पैमाने पर हर राज्य में इस प्रकार के आयोजन होते रहते हैं, तो वहां गुजरात का प्रतिनिधित्व भी रहे, इसके लिए प्रयास किया जाता है।
जाहिर है कि किसी भी राज्य की असली पहचान वहां की समृद्ध कला-संस्कृति और उन कलाओं को रचने वाले कलाकारों के माध्यम से ही बनती है। ऐसे में गुजरात सरकार की ‘एग्जीबिशन सपोर्ट स्कीम’ स्थानीय कला और कलाकारों के संरक्षण के साथ ही राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्हें एक नई पहचान दिलाने में बेहद कारगर साबित हो रही है।
--आईएएनएस
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