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गुजरात में गिरनार लिली परिक्रमा की तैयारियां तेज, कलेक्टर ने लिया तैयारियों का जायजा

गुजरात में गिरनार लिली परिक्रमा की तैयारियां तेज, कलेक्टर ने लिया तैयारियों का जायजा
गुजरात में गिरनार लिली परिक्रमा की तैयारियां तेज, कलेक्टर ने लिया तैयारियों का जायजा

जूनागढ़, 26 अक्टूबर (आईएएनएस)। गुजरात के जूनागढ़ जिले में होने वाली प्रसिद्ध गिरनार लिली परिक्रमा को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिला कलेक्टर योगेश चौधरी ने परिक्रमा मार्ग का निरीक्षण कर अधिकारियों को श्रद्धालुओं और वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश दिए।

गिरनार की यह ऐतिहासिक परिक्रमा हर साल कार्तिक महीने में देवउठनी एकादशी से शुरू होकर कार्तिक पूर्णिमा तक लगभग पांच दिनों तक चलती है। यह लगभग 35 किलोमीटर लंबी होती है। ऐसे में कलेक्टर ने पानी, रोशनी, साफ-सफाई, स्वास्थ्य सेवा, पार्किंग और सुरक्षा व्यवस्था को लेकर विशेष तैयारी करने को कहा है।

इस संबंध में मीडिया से बात करते हुए कलेक्टर योगेश चौधरी ने कहा कि गिरनार की ऐतिहासिक परिक्रमा में हर साल लगभग पांच से सात लाख श्रद्धालु शामिल होते हैं। पिछले साल अधिक बारिश के कारण परिक्रमा का आयोजन नहीं हो सका था। जिन श्रद्धालुओं की परिक्रमा पिछले साल पूरी नहीं हो पाई थी, उन सभी को इस बार प्रशासन की ओर से आमंत्रित किया गया है।

उन्होंने बताया कि गिरनार का क्षेत्र वन क्षेत्र और अभयारण्य है। परिक्रमा के लिए लगभग 35 किलोमीटर का मार्ग निर्धारित किया गया है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से सभी श्रद्धालुओं से अपील की कि वे मुख्य मार्ग पर ही रहें और जंगल के अंदरूनी हिस्सों में प्रवेश न करें।

कलेक्टर ने कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए पूरे परिक्रमा मार्ग पर वन विभाग और पुलिस की टीमें तैनात रहेंगी। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग की ओर से डॉक्टरों की नियुक्ति की जाएगी, जगह-जगह चेक पॉइंट बनाए जाएंगे और एंबुलेंस की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन की ओर से सभी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने का पूरा प्रयास किया जा रहा है। रात के समय परिक्रमा मार्ग पर लाइटिंग और पीने के पानी की व्यवस्था की जाएगी। साथ ही, कई सामाजिक संस्थाओं द्वारा खाने-पीने के स्टॉल भी लगाए जाएंगे।

कलेक्टर ने सभी श्रद्धालुओं से प्रशासन का सहयोग करने की अपील की, ताकि पांच दिवसीय परिक्रमा शांति और सुरक्षा के साथ संपन्न हो सके।

--आईएएनएस

पीआईएम/पीएम

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