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गुजरात: 'गिफ्ट सिटी' भारत का पहला वैश्विक वित्तीय और आईटी हब बनकर उभरा

गांधीनगर, 28 मार्च (आईएएनएस)। गांधीनगर में स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) भारत के पहले पूरी तरह से चालू वैश्विक वित्तीय और आईटी- हब के रूप में उभरा है, जिसने देश को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय इकोसिस्टम में सबसे आगे खड़ा किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित, गिफ्ट सिटी एक फलते-फूलते, नीति-संचालित और विश्व स्तर पर एक अहम वित्तीय हब में बदल गया है।
गुजरात: 'गिफ्ट सिटी' भारत का पहला वैश्विक वित्तीय और आईटी हब बनकर उभरा

गांधीनगर, 28 मार्च (आईएएनएस)। गांधीनगर में स्थित गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) भारत के पहले पूरी तरह से चालू वैश्विक वित्तीय और आईटी- हब के रूप में उभरा है, जिसने देश को अंतर्राष्ट्रीय वित्तीय इकोसिस्टम में सबसे आगे खड़ा किया है। गुजरात के मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में स्थापित, गिफ्ट सिटी एक फलते-फूलते, नीति-संचालित और विश्व स्तर पर एक अहम वित्तीय हब में बदल गया है।

शुरू से ही गिफ्ट सिटी की परिकल्पना एक विश्व-स्तरीय वित्त और आईटी- जोन के रूप में की गई थी। एक ऐसा वित्तीय हब जो न केवल भारत, बल्कि पूरी दुनिया की सेवा करेगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में वित्तीय सेवाओं, प्रौद्योगिकी, नियामक सरलीकरण और बुनियादी ढांचे को एक ही अधिकार क्षेत्र के तहत जोड़ने वाले एक एकीकृत इकोसिस्टम की नींव रखी गई थी। उनका यह सपना अब एक ऐसे जीवंत हब में बदल गया है जो स्थापित वैश्विक वित्तीय केंद्रों के साथ सीधे तौर पर मुकाबला करता है।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गिफ्ट सिटी के क्षितिज को और विस्तृत किया जा रहा है, और वे उसी समर्पण के साथ गिफ्ट सिटी की निरंतरता, विस्तार और तीव्र विकास को सुनिश्चित कर रहे हैं। उनके नेतृत्व में गिफ्ट सिटी ने नई ऊंचाइयां छुई हैं, जिससे भारत के आर्थिक विकास के वाहक के रूप में गुजरात की प्रतिष्ठा और मजबूत हुई है।

गिफ्ट सिटी में 1,150 से ज्‍यादा आईएफएससीए-रजिस्टर्ड संस्थाएं काम कर रही हैं। गिफ्ट सिटी में बैंकिंग सेक्टर में भी काफी बढ़ोतरी हुई है, जो 106 बिलियन डालर तक पहुंच गया है। यह 2020 की तुलना में लगभग सात गुना ज्‍यादा है। इसके अलावा, कैपिटल मार्केट भी 80 बिलियन डालर तक पहुंच गया है, और एक्सचेंज टर्नओवर हर महीने लगातार 100 बिलियन डालर के आंकड़े को पार कर रहा है। साथ ही, 80 बिलियन डालर के लक्ष्य के साथ 349 फंड लॉन्च किए गए हैं, जिससे वैश्विक कैपिटल मार्केट में भारत की स्थिति और मजबूत हुई है।

गिफ्ट सिटी का विकास सिर्फ वित्तीय गतिविधियों तक ही सीमित नहीं है। अनुमान है कि 2030 तक गिफ्ट सिटी में 1,00,000 से ज्‍यादा नौकरियां पैदा होने की संभावना है, जिसमें कमर्शियल, रिहायशी और संस्थागत निर्माण के लिए इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार का बड़ा योगदान होगा। इसके साथ ही गिफ्ट सिटी में एक मजबूत सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर भी बनाया गया है, जिसमें इंटरनेशनल स्कूल, डेस्टिनेशन मॉल, एक सेंट्रल पार्क और एक स्पोर्ट्स एरिना वगैरह शामिल हैं। यह सामाजिक इंफ्रास्ट्रक्चर गिफ्ट सिटी में रहने वाले निवासियों और काम करने वाले पेशेवरों, दोनों के लिए ‘लाइव, वर्क, थ्रीव’ (जियो, काम करो, तरक्की करो) के मंत्र के साथ बनाया गया है।

गिफ्ट सिटी में अत्याधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर सुविधाएं हैं। भारत में पहली बार, यहां एक अंडरग्राउंड यूटिलिटी टनल लगाई गई है। इसके अलावा, एक डिस्ट्रिक्ट कूलिंग सिस्टम और ऑटोमेटेड कचरा कलेक्शन के जरिए कुशल और टिकाऊ संचालन सुनिश्चित किया जाता है।

वैश्विक स्तर पर, गिफ्ट सिटी भारत के इंटरनेशनल वित्तीय गेटवे के तौर पर काम करता है, जिसकी पहुंच दावोस में वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम जैसे आयोजनों और मिलान, ज़्यूरिख, हांगकांग, जर्मनी और ऑस्ट्रिया जैसे बड़े वित्तीय केंद्रों तक है। भारत में, यह बैंकिंग फोरम (100 से ज्‍यादा संस्थानों के साथ), वाइब्रेंट गुजरात, आईजीएफ मुंबई और री-इंश्योरेंस समिट के समन्वय से स्थानीय और वैश्विक वित्तीय नेटवर्कों को एक साथ लाता है।

गिफ्ट सिटी एक ही छत के नीचे कई तरह की वित्तीय सेवाएं उपलब्ध कराता है, जिनमें कैपिटल मार्केट, बैंकिंग, बीमा, विमान और जहाज लीजिंग सेवाएं, फिनटेक, जीसीसी और वैश्विक विश्वविद्यालयों के साथ साझेदारियां शामिल हैं। 37 से ज्‍यादा बैंकों, 65 से ज्‍यादा बीमा कंपनियों और 35 से ज्‍यादा विमान लीजिंग कंपनियों के साथ, यह उच्च-मूल्य वाली वित्तीय सेवाओं के लिए एक भरोसेमंद केंद्र के तौर पर उभर रहा है और वैश्विक वित्तीय इकोसिस्टम में भारत की स्थिति को मजबूत करने में योगदान दे रहा है।

गिफ्ट सिटी को पीएम नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में शुरू किया गया था और गुजरात के मौजूदा मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के मार्गदर्शन में इसका लगातार विकास किया गया है। यह भारत को एक वैश्विक वित्तीय केंद्र के तौर पर स्थापित करने के रणनीतिक और दीर्घकालिक दृष्टिकोण को दर्शाता है।

--आईएएनएस

एएसएच/वीसी

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