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जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ द्वारा रेगुलर म्यूचुअल फंडों को लेकर सवाल उठाए जाने पर ग्रोव ने दिया जवाब

जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ द्वारा रेगुलर म्यूचुअल फंडों को लेकर सवाल उठाए जाने पर ग्रोव ने दिया जवाब
जेरोधा के सीईओ नितिन कामथ द्वारा रेगुलर म्यूचुअल फंडों को लेकर सवाल उठाए जाने पर ग्रोव ने दिया जवाब

नई दिल्ली, 9 जुलाई (आईएएनएस)। जेरोधा के संस्थापक और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) नितिन कामथ ने गुरुवार को प्रतिद्वंद्वी ब्रोकिंग प्लेटफॉर्म ग्रोव पर परोक्ष रूप से निशाना साधा। यह टिप्पणी ऐसे समय आई है जब ग्रोव ने अपनी सब्सक्रिप्शन सेवा ग्रोव प्राइम के जरिए रेगुलर म्यूचुअल फंड की पेशकश शुरू की है। वहीं अब ग्रोव ने भी इस अपनी प्रतिक्रिया देते हुए एक पोस्ट शेयर किया है।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर किए गए एक पोस्ट में नितिन कामथ ने कहा कि जब जेरोधा ने अपना कॉइन प्लेटफॉर्म लॉन्च किया था, तब कई अन्य कंपनियों ने भी डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा शुरू की थी। लेकिन समय के साथ इनमें से कई कंपनियां या तो बाजार से बाहर हो गईं या फिर अपने बिजनेस मॉडल में बदलाव कर चुकी हैं।

उन्होंने कहा कि जो प्रतिस्पर्धी अभी भी बाजार में मौजूद हैं, वे अब डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की पेशकश को लेकर अपनी रणनीति पर दोबारा विचार कर रहे हैं। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि "जेरोधा भविष्य में भी डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा ग्राहकों को मुफ्त में उपलब्ध कराता रहेगा।"

दरअसल, बेंगलुरु स्थित ग्रोव ने अपने ग्रोव प्राइम प्लेटफॉर्म पर रेगुलर म्यूचुअल फंड को शामिल कर अपनी सेवाओं का विस्तार किया है। इसकी शुरुआत कंपनी ने इस वर्ष की शुरुआत में चुनिंदा ग्राहकों के लिए की थी, जिसे अब उसके 2 करोड़ ग्राहकों तक बढ़ा दिया गया है।

इससे पहले ग्रोव केवल डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा देता था और इसे कम लागत वाला निवेश विकल्प बताते हुए दावा करता था कि डिस्ट्रीब्यूटर कमीशन नहीं होने के कारण इससे लंबे समय में बेहतर रिटर्न मिल सकता है।

नितिन कामथ ने कहा कि 2010 में भारत में डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू करने के बाद से जेरोधा की मूल्य निर्धारण (प्राइसिंग) नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ है।

उन्होंने कहा, "जब हमने 2010 में डिस्काउंट ब्रोकरेज मॉडल शुरू किया था, तब हमने यह तय किया था कि ट्रेड का आकार चाहे जितना भी हो, सभी ग्राहकों से एक समान शुल्क लिया जाएगा। इसका तर्क बिल्कुल स्पष्ट था। यदि किसी ट्रेड को निष्पादित (एक्जीक्यूट) करने में समान मेहनत लगती है, तो अलग-अलग ग्राहकों से अलग शुल्क क्यों लिया जाए?"

कामथ ने कहा कि कॉइन प्लेटफॉर्म शुरू करने के बाद भी जेरोधा ने इसी सिद्धांत का पालन किया और रेगुलर म्यूचुअल फंड के जरिए कमीशन कमाने के बजाय केवल डायरेक्ट म्यूचुअल फंड की सुविधा देने का फैसला किया।

उन्होंने कहा, "अगर कोई प्लेटफॉर्म लेनदेन के आकार के आधार पर प्रतिशत के हिसाब से शुल्क लेता है, तो वह खुद को डिस्काउंट या कम लागत वाला ब्रोकर नहीं कह सकता, क्योंकि बड़े ऑर्डर को निष्पादित करने में अतिरिक्त मेहनत नहीं लगती।"

नितिन कामथ ने निवेशकों से यह भी अपील की कि वे चेक करें कि उनके पास रेगुलर म्यूचुअल फंड हैं या डायरेक्ट म्यूचुअल फंड। उन्होंने कहा कि यदि ग्राहक चाहें तो जेरोधा उन्हें अपने रेगुलर म्यूचुअल फंड को डायरेक्ट प्लान में बदलने में भी मदद करेगा।

वहीं, अब ग्रोव ने एक पोस्ट शेयर करते हुए अपनी प्रतिक्रिया दी और कहा कि ग्रोव के म्यूचुअल फंड ऑफर को लेकर कुछ भ्रम और गलत जानकारी फैल रही है। इसलिए हम इस बारे में पूरी तरह स्पष्ट करना चाहते हैं।

ग्रोव ने कहा कि डायरेक्ट म्यूचुअल फंड हमेशा से ग्रोव का मुख्य फोकस रहा है और आगे भी रहेगा। हमारे प्लेटफॉर्म पर 1 करोड़ से अधिक निवेशकों ने 1.9 लाख करोड़ रुपए से ज्यादा का म्यूचुअल फंड निवेश किया है, जिससे ग्रोव देश का सबसे बड़ा म्यूचुअल फंड प्लेटफॉर्म बन गया है। जो निवेशक खुद अपने फैसले लेकर निवेश करना चाहते हैं, उनके लिए ग्रो पहले की तरह ही डायरेक्ट, जीरो-कमीशन और पूरी तरह मुफ्त रहेगा। हम डायरेक्ट म्यूचुअल फंड निवेशकों के लिए लगातार नए फीचर्स भी जोड़ते रहेंगे।

उसने आगे कहा कि एमएफ प्राइम कोई बदलाव नहीं, बल्कि एक नया विकल्प है। यह पूरी तरह से वैकल्पिक सेवा है, जिसे उन निवेशकों के लिए तैयार किया गया है, जिन्हें यह जानने के लिए विशेषज्ञों की रिसर्च-आधारित सलाह चाहिए कि किस फंड में निवेश करें, किसे होल्ड रखें, कब बाहर निकलें और कब पोर्टफोलियो में बदलाव करें। ऐसे कई निवेशक थे जो ग्रो के जरिए निवेश करना चाहते थे, लेकिन उन्हें मार्गदर्शन की जरूरत थी। एमएफ प्राइम के जरिए अब वे भी आसानी से निवेश कर सकेंगे।

ग्रोव ने आगे लिखा, "अगर आप आज ग्रोव पर एक डीआईवाई निवेशक हैं, तो आपके लिए कुछ भी नहीं बदलेगा। न आपके निवेश का तरीका बदलेगा, न शुल्क और न ही प्लेटफॉर्म का अनुभव। इसलिए यह दावा करना कि ग्रो ने म्यूचुअल फंड निवेश को लेकर अपना दृष्टिकोण बदल दिया है, पूरी तरह गलत है।"

ग्रोव ने आगे लिखा, "कुछ निवेशक खुद निवेश करना चाहते हैं, जबकि कुछ को मार्गदर्शन की आवश्यकता होती है। हमें दोनों ही तरह के निवेशकों की सेवा करने और प्लेटफॉर्म के बजाय ग्राहक को निर्णय लेने देने पर गर्व है।"

--आईएएनएस

डीबीपी

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