ग्रीनलैंड के अमेरिका के हाथों में आने से नाटो होगा मजबूत: ट्रंप
नई दिल्ली, 14 जनवरी (आईएएनएस)। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप इन दिनों सुर्खियों में हैं। वेनेजुएला के खिलाफ एक्शन लेने के बाद अब उनकी नजर ग्रीनलैंड पर है। हालांकि, ग्रीनलैंड को लेकर अमेरिका और डेनमार्क के बीच तनाव बढ़ गया है। इन सबके बीच डोनाल्ड ट्रंप ने दो टूक शब्दों में कहा कि ग्रीनलैंड के अमेरिका के हाथों में आने से नाटो कहीं ज्यादा मजबूत और असरदार हो जाएगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने ट्रूथ सोशल पर ताजा बयान में लिखा, "अमेरिका को नेशनल सिक्योरिटी के लिए ग्रीनलैंड की जरूरत है। हम जो गोल्डन डोम बना रहे हैं, उसके लिए यह बहुत जरूरी है। नाटो को इसे पाने में हमारी मदद करनी चाहिए। अगर हम ऐसा नहीं करते हैं, तो रूस या चीन कर लेंगे, और ऐसा नहीं होने वाला है!"
अमेरिकी राष्ट्रपति ने आगे लिखा, "सेना के हिसाब से, अमेरिका की इतनी बड़ी ताकत के बिना, जिसका ज्यादातर हिस्सा मैंने अपने पहले कार्यकाल में बनाया था, और अब उसे एक नए और उससे भी ऊंचे स्तर पर ले जा रहा हूं, नाटो एक असरदार ताकत या रोकने वाला नहीं होगा। उसके आस-पास भी नहीं होगा! वे यह जानते हैं, और मैं भी। ग्रीनलैंड के अमेरिका के हाथों में आने से नाटो कहीं ज्यादा मजबूत और असरदार हो जाएगा। इससे कम कुछ भी मंजूर नहीं है।"
इससे पहले, उन्होंने अपनी ऊर्जा, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा नीति पर बात करते हुए कहा कि हाल में अमेरिका ने वेनेजुएला से जुड़े जो कदम उठाए हैं, उनसे ईंधन के दाम घटाने में मदद मिल रही है और आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है।
डेट्रॉइट इकनॉमिक क्लब में भाषण देते हुए ट्रंप ने कहा कि वेनेजुएला को लेकर अमेरिका की कार्रवाई सफल रही है और अब इससे ऊर्जा की आपूर्ति बढ़ रही है। उन्होंने इस कार्रवाई को पूरी तरह सफल बताया। ट्रंप ने कहा, "उनके पास 50 मिलियन बैरल तेल है। उन्होंने कहा कि इसे ले लो, यह 5 बिलियन डॉलर का है, और हमने ले लिया। तेल को रिफाइनिंग के लिए यूनाइटेड स्टेट्स लाया जा रहा है और इससे गैसोलीन की कीमतें कम करने में मदद मिलेगी। हम इसे रिफाइन करने के लिए ला रहे हैं। तेल शिप करने के लिए दर्जनों बड़े जहाजों की जरूरत होगी। दुनिया के सबसे बड़े जहाज एक मिलियन बैरल ले जा सकते हैं। इसे बाहर निकालने के लिए हमें दुनिया के 50 सबसे बड़े जहाजों की जरूरत है।"
ट्रंप ने सीधे तौर पर कहा कि वेनेजुएला से आए तेल की वजह से अमेरिका में ईंधन के दाम गिर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस महीने की शुरुआत में हुई सफल कार्रवाई के बाद पेट्रोल के दाम और नीचे जाएंगे। उनके अनुसार, कई राज्यों में पेट्रोल ढाई डॉलर प्रति गैलन से नीचे आ चुका है और कई जगहों पर दो डॉलर से भी कम हो गया है।
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