ग्रेटर नोएडा वेस्ट में ऑनलाइन गेमिंग के नाम पर ठगी का खुलासा, 8 आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा, 8 जनवरी (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग और ऑनलाइन गैंबलिंग के नाम पर चल रहे एक बड़े ठगी रैकेट का पर्दाफाश किया है।
यह ठगी का पूरा नेक्सस गौर सिटी सेंटर (गौड़ सिटी मॉल), चार मूर्ति चौराहा के पास चौथी मंजिल पर संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में 3 पुरुष और 5 युवतियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। गिरोह का मास्टरमाइंड दिव्यांग आरोपी सोनल उर्फ अनिरुद्ध बताया गया है, जो पूरे एप और ठगी के सिस्टम को कंट्रोल करता था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी ऑनलाइन गेमिंग और बैटिंग खेलने वाले लोगों को अपना निशाना बनाते थे। मेजाबुक “मजे से जीतो” नाम से संचालित व्हाट्सएप और गेमिंग एप के जरिए लोगों को ज्यादा पैसा जीतने का लालच दिया जाता था। शुरुआत में लोगों को छोटी रकम जितवाकर भरोसा जीता जाता, फिर उनसे बड़ा अमाउंट इन्वेस्ट करवाया जाता था। जैसे ही लोग ज्यादा पैसा लगाने लगते, गेम का कंट्रोल अपने हाथ में लेकर उन्हें हरवाया जाता और कई मामलों में अकाउंट ब्लॉक कर संपर्क तोड़ दिया जाता था।
कौन जीतेगा और कौन हारेगा, सब मास्टरमाइंड तय करता था। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ऐप का पूरा कंट्रोल मुख्य आरोपी सोनल उर्फ अनिरुद्ध के पास था। गेम में कौन जीतेगा और कौन हारेगा, यह पहले से तय किया जाता था। हॉर्स रेसिंग, क्रिकेट, टेनिस, बास्केटबॉल, कैसीनो, एविएटर, रूलेट और नंबरिंग गेम जैसे कई ऑनलाइन गेम और सट्टा लोगों को खिलाया जाता था। फर्जी सिम, कूटरचित केवाईसी और क्यूआर कोड का जाल बिछाया जाता था।
आरोपियों ने ठगी के लिए फर्जी आईडी पर खरीदे गए सिम कार्ड, फर्जी केवाईसी दस्तावेज और पहले से छपवाए गए क्यूआर पेमेंट कोड का इस्तेमाल किया। जरूरत पड़ने पर क्यूआर कोड एक्टिवेट कर पैसे मंगवाए जाते थे। पुलिस को विभिन्न बैंकों—इंडियन बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक आदि के कई खातों की जानकारी मिली है। 15 से ज्यादा बैंक खातों को फ्रीज कराने के लिए संबंधित बैंकों को पत्र भेजा गया है।
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 4 लैपटॉप, 155 फर्जी सिम कार्ड, 50 क्यूआर पेमेंट कोड, 45 हजार रुपये नकद, 2 कंप्यूटर मॉनिटर, 4 वाई-फाई मॉडम, 10 पेज की डाटा शीट और 10 कॉलिंग हेडफोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गर्व, अजय सिंह, सोनल उर्फ अनिरुद्ध, रुचि, कोमल, सुषमा, तनीषा और सानिया सिंह शामिल हैं। सभी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
इस पूरे गिरोह का खुलासा करने वाली बिसरख थाना पुलिस टीम के उत्साहवर्धन के लिए डीसीपी सेंट्रल नोएडा ने 15,000 रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है। साथ ही सेंट्रल डीसीपी ने संबंधित अथॉरिटी को वेबसाइट और ऐप के कैंसिलेशन के लिए पत्र लिखने की बात कही है। इस मामले में थाना बिसरख में बीएनएस की विभिन्न धाराओं, जुआ अधिनियम और आईटी एक्ट की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के अन्य कनेक्शन और पीड़ितों की संख्या को लेकर जांच जारी है।
आईएएनएस
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