ग्रेटर नोएडा : 'ऑपरेशन सिंदूर' की प्रेरणा से महकी पुष्प प्रदर्शनी, बेंगलुरु से मंगाए गए खास फूल, 700 किलो शिमला मिर्च से बनी आकृति
ग्रेटर नोएडा, 27 फरवरी (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा के सिटी पार्क में आयोजित पुष्प प्रदर्शनी इन दिनों आकर्षण का केंद्र बनी हुई है। इस बार की प्रदर्शनी में कलाकारों ने 'ऑपरेशन सिंदूर' थीम पर आधारित भव्य कलाकृतियां बनाकर लोगों का दिल जीत लिया है।
खास बात यह है कि इन कलाकृतियों को सजाने के लिए देश के विभिन्न हिस्सों से विशेष प्रकार के फूल और सामग्री मंगवाई गई है, जिनकी चमक चिलचिलाती धूप में भी फीकी नहीं पड़ती। प्रदर्शनी में मुख्य आकर्षण 'ऑपरेशन सिंदूर' को समर्पित एक विशाल पुष्प आकृति है, जिसे देखने के लिए दूर-दूर से लोग उमड़ रहे हैं।
इस कलाकृति को तैयार करने के लिए विशेष रूप से बेंगलुरु के फार्म हाउसों और खेतों से ताजे फूल मंगवाए गए हैं। आयोजकों का दावा है कि इन फूलों की सबसे बड़ी खूबी यह है कि ये चार दिनों तक अपनी ताजगी और चमक बनाए रखेंगे, चाहे कितनी भी तेज धूप क्यों न हो। बेंगलुरु के उन विशेष किस्म के फूलों का चयन किया गया जो लंबे समय तक मुरझाते नहीं हैं और इनका रंग भी गहरा और आकर्षक होता है।
फूलों के अलावा, कलाकारों ने एक और अनूठी कलाकृति बनाई है, जिसने सभी का ध्यान खींचा है। करीब 700 किलोग्राम शिमला मिर्च का उपयोग करके एक बड़ी और मनमोहक आकृति तैयार की गई है। दिल के रूप में तैयार इस कलाकृति में कई रंगों के शिमला मिर्च लगाए गए हैं। जिसकी चमक ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के संदेश को और अधिक सशक्त बना दिया है। पर्यटक इस अनूठी कलाकृति के साथ सेल्फी लेने और इसके पीछे की कहानी जानने के लिए उत्सुक दिखाई दे रहे हैं।
प्रदर्शनी में आए एक स्थानीय निवासी रमेश शर्मा ने कहा, "फूलों से सजी 'ऑपरेशन सिंदूर' की थीम देखकर रोमांच हो गया। शिमला मिर्च से बनी आकृति तो बिल्कुल अनोखी है। यह देखकर गर्व होता है कि हमारे कलाकार कितनी सुंदरता से देशभक्ति का संदेश दे रहे हैं।" पूरी प्रदर्शनी रंग-बिरंगे फूलों और कलाकृतियों से सजी है, लेकिन 'ऑपरेशन सिंदूर' की थीम पर बने इस विशेष सेक्शन में हर उम्र के लोगों की भीड़ देखी जा रही है।
आयोजकों के अनुसार, अगले चार दिनों तक चलने वाली इस प्रदर्शनी में फूलों की चमक बरकरार रहेगी, जिससे अधिक से अधिक लोग इस अद्भुत कला का आनंद ले सकेंगे और ऑपरेशन सिंदूर की गाथा को फूलों के माध्यम से महसूस कर सकेंगे।
--आईएएनएस
पीकेटी/एएस

