ग्रेटर नोएडा: कॉल सेंटर के जरिए लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा, 9 जुलाई (आईएएनएस)। ग्रेटर नोएडा में साइबर ठगी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बिसरख पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉल सेंटर संचालित कर लोगों को अधिक लोन दिलाने का झांसा देकर ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन और एक डायरी (नोटबुक) बरामद की है।
पुलिस आरोपियों के अन्य साथियों और फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले नेटवर्क की भी तलाश कर रही है। पुलिस के मुताबिक, बुधवार को लोकल इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए अजनारा ली गार्डन सोसाइटी स्थित एक फ्लैट में चल रहे फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी की गई। इस दौरान सागर चौहान और कुलदीप को गिरफ्तार किया गया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी कॉल सेंटर के माध्यम से लोगों को फोन कर अधिक लोन दिलाने का लालच देते थे और उन्हें अपने जाल में फंसाकर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। पूछताछ में आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे लोन112 एप और अन्य लोन एप से जुड़े ग्राहकों का डाटा हासिल करते थे। इसके बाद उन लोगों से संपर्क कर अधिक राशि का लोन दिलाने का भरोसा देते थे।
विश्वास जीतने के लिए वे फर्जी लोन अप्रूवल लेटर भेजते थे। जब पीड़ित उनकी बातों में आ जाता था, तब पहले से लिए गए लोन को बंद कराने या नई प्रक्रिया पूरी कराने के नाम पर उससे रकम फर्जी बैंक खातों में ट्रांसफर करा लेते थे।
आरोपियों से पता चला है कि वह ठगी की वारदात के बाद वे इस्तेमाल किए गए मोबाइल फोन और सिम कार्ड नष्ट कर देते थे, ताकि पुलिस तक कोई सुराग न पहुंच सके। जांच में यह भी पता चला है कि फर्जी बैंक खाते और सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाला एक अन्य व्यक्ति भी इस गिरोह से जुड़ा हुआ है। वह ठगी की रकम में से 20 प्रतिशत कमीशन अपने पास रखता था और बाकी 80 प्रतिशत नकद आरोपियों को नोएडा के विभिन्न स्थानों पर पहुंचाता था।आरोपी उससे केवल व्हाट्सएप कॉल के माध्यम से संपर्क करते थे और उसके पास कोई स्थायी मोबाइल नंबर नहीं था।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय सागर चौहान निवासी न्याय खंड-1, इंद्रापुरम, गाजियाबाद तथा 25 वर्षीय कुलदीप निवासी ग्राम बरौली, थाना बल्देव, जनपद मथुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना बिसरख में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं तथा आईटी एक्ट की धारा 66-डी के तहत मामला दर्ज किया है। बरामद तीन मोबाइल फोन और एक डायरी को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी गई है।
पुलिस अब इस साइबर ठगी गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वालों और डाटा सप्लाई करने वाले नेटवर्क की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
--आईएएनएस
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