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Delhi-NCR में प्रदूषण बढ़ते ही GRAP-1 लागू, तंदूर से लेकर पार्किंग तक पर सख्ती; जानें नए नियम

Delhi-NCR में प्रदूषण बढ़ते ही GRAP-1 लागू, तंदूर से लेकर पार्किंग तक पर सख्ती; जानें नए नियम

दिल्ली-NCR में एक बार फिर वायु प्रदूषण बढ़ने के बाद सरकार ने सख्त कदम उठाए हैं। एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) के खराब श्रेणी में पहुंचने के बीच दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के पहले चरण यानी GRAP-1 को लागू करने की जानकारी दी है। इसके तहत प्रदूषण पर काबू पाने के लिए निर्माण कार्यों, कचरा जलाने, वाहनों और व्यावसायिक गतिविधियों को लेकर कई नियम लागू किए जा रहे हैं।पर्यावरण मंत्री के मुताबिक, प्रदूषण से निपटने के लिए सरकार शॉर्ट-टर्म और लॉन्ग-टर्म, दोनों तरह के उपायों पर काम कर रही है। इस अभियान में केंद्र और दिल्ली सरकार के साथ आम जनता की भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया गया है।

GRAP-1 के तहत किन गतिविधियों पर रहेगी रोक?

1. होटल और ढाबों में कोयले-लकड़ी के इस्तेमाल पर पाबंदी

GRAP-1 के तहत होटल, रेस्तरां और खुले ढाबों में कोयले या लकड़ी से खाना पकाने पर रोक लगाने की बात कही गई है। ऐसे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को LPG, बिजली या अन्य स्वच्छ ईंधन वाले उपकरणों का इस्तेमाल करना होगा।

2. डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर नियंत्रण

बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर के इस्तेमाल पर पाबंदी रहेगी। हालांकि, आपातकालीन परिस्थितियों में इनके इस्तेमाल की अनुमति दी जा सकती है।

3. निर्माण और तोड़फोड़ के काम पर निगरानी

निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान उड़ने वाली धूल को नियंत्रित करने के लिए सख्त कदम उठाए जाएंगे। धूल रोकने के जरूरी उपायों का पालन करना होगा। बालू, गिट्टी और सीमेंट जैसी निर्माण सामग्री को खुले में रखने की अनुमति नहीं होगी। इनके परिवहन के लिए ढके हुए वाहनों का इस्तेमाल करना होगा।

4. सड़कों पर पानी का छिड़काव बढ़ेगा

धूल कम करने के लिए सड़कों की मैकेनिकल स्वीपिंग, नियमित पानी के छिड़काव और एंटी-स्मॉग गन के इस्तेमाल को बढ़ाया जाएगा। इससे हवा में धूल के कणों को नियंत्रित करने में मदद मिल सकती है।

5. कचरा और पत्तियां जलाने पर रोक

खुले में कूड़ा फेंकने या जमा करने तथा सूखी पत्तियां और प्लास्टिक जलाने पर रोक रहेगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ जुर्माने सहित कार्रवाई की जा सकती है।

6. वाहनों की होगी जांच

ज्यादा धुआं छोड़ने वाले पुराने वाहनों और वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUC) के बिना चल रहे वाहनों के खिलाफ जांच अभियान चलाया जाएगा। बिना वैध PUC प्रमाणपत्र वाली गाड़ियों को ईंधन नहीं देने का नियम भी लागू किए जाने की जानकारी दी गई है।

7. पार्किंग शुल्क बढ़ाने की तैयारी

दिल्ली में मेट्रो पार्किंग सुविधाओं को छोड़कर अन्य पार्किंग स्थलों पर पार्किंग शुल्क दोगुना किए जाने की बात कही गई है। इसका उद्देश्य निजी वाहनों के इस्तेमाल को कम करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना है।

वर्क फ्रॉम होम से कम हो सकता है सड़कों पर वाहनों का दबाव

प्रदूषण कम करने के लिए वर्क फ्रॉम होम को भी एक उपाय के तौर पर बताया गया है। इससे कार्यालय आने-जाने वाले वाहनों की संख्या कम करने में मदद मिल सकती है। हालांकि, कर्मचारियों पर लागू व्यवस्था और उसके दायरे की पुष्टि संबंधित सरकारी या कार्यालयी निर्देशों से करनी चाहिए।

क्या होता है GRAP?

ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) दिल्ली-NCR में वायु गुणवत्ता बिगड़ने पर चरणबद्ध तरीके से लागू किए जाने वाला प्रदूषण नियंत्रण कार्यक्रम है। इसके तहत AQI और प्रदूषण की स्थिति के अनुसार अलग-अलग स्तरों पर कदम उठाए जाते हैं।

GRAP के चार चरण इस प्रकार हैं:

  • GRAP-1: AQI 201 से 300 — खराब

  • GRAP-2: AQI 301 से 400 — बहुत खराब

  • GRAP-3: AQI 401 से 450 — गंभीर

  • GRAP-4: AQI 450 से ऊपर — अत्यंत गंभीर

इन चरणों के तहत प्रतिबंध और अतिरिक्त उपाय प्रदूषण की स्थिति के अनुसार लागू किए जाते हैं। वास्तविक नियमों और उनके दायरे के लिए संबंधित समय के आधिकारिक आदेश देखना जरूरी है।

आम लोगों से की गई ये अपील

प्रशासन ने नागरिकों से निजी वाहनों के बजाय मेट्रो, बस और अन्य सार्वजनिक परिवहन साधनों का इस्तेमाल करने की अपील की है। साथ ही, कूड़ा जलाने, निर्माण स्थलों पर धूल फैलने और प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों की जानकारी संबंधित अधिकारियों को देने को कहा गया है।दिल्ली-NCR में प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए GRAP-1 के तहत उठाए जा रहे कदमों का असर लोगों की भागीदारी और नियमों के पालन पर भी निर्भर करेगा। नागरिकों को सलाह है कि वे स्थानीय प्रशासन के ताजा निर्देशों पर नजर रखें और प्रदूषण बढ़ाने वाली गतिविधियों से बचें।

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