'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' में दिखेगा भारत के आर्थिक संकट का दौर, मनोज बाजपेयी बोले- 'पहली बार पर्दे के पीछे के हीरो की कहानी'
मुंबई, 29 मई (आईएएनएस)। अभिनेता मनोज बाजपेयी इन दिनों अपनी आने वाली फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' को लेकर लगातार चर्चा में बने हुए हैं। फिल्म का ट्रेलर और टीजर रिलीज होने के बाद दर्शकों के बीच इसे लेकर उत्सुकता काफी बढ़ गई है। इस बीच मनोज बाजपेयी ने आईएएनएस को दिए इंटरव्यू में फिल्म को लेकर खुलकर बात की और बताया कि यह भारत के इतिहास के एक बेहद कठिन दौर की कहानी है। उन्होंने कहा कि फिल्म की स्क्रिप्ट बहुत शानदार तरीके से लिखी गई है और इसमें पहली बार पर्दे के पीछे के हीरो की कहानी दिखाई जाएगी।
मनोज बाजपेयी ने अपनी आने वाली फिल्म 'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' को लेकर कई दिलचस्प बातें साझा कीं। उन्होंने कहा, ''यह फिल्म एक बेहद अलग विषय पर आधारित है, क्योंकि इसमें एक ऐसे आरबीआई गवर्नर की कहानी दिखाई गई है, जिसने देश के सबसे कठिन आर्थिक संकट के समय अपने फैसलों से भारत को टूटने से बचाया। इस किरदार को पर्दे पर दिलचस्प बनाना मेरे लिए आसान नहीं था, क्योंकि असल जिंदगी में ऐसे लोग कैमरों और सुर्खियों से दूर रहते हैं। उनका काम फाइलों, नीतियों और आंकड़ों के बीच होता है। ऐसे शांत और गंभीर व्यक्ति को दर्शकों के सामने प्रभावशाली ढंग से पेश करना मेरे लिए एक बड़ी जिम्मेदारी थी।''
मनोज बाजपेयी ने आगे कहा, ''फिल्म में किरदार की भाषा, बोलने का तरीका और व्यक्तित्व को वास्तविक दिखाने के लिए मुझे काफी मेहनत करनी पड़ी। एक पढ़े-लिखे और ऊंचे पद पर बैठे अधिकारी की हिंदी और बातचीत का लहजा आम लोगों से अलग होता है। इसी वजह से मैंने अपने डिक्शन और डायलॉग डिलीवरी पर खास ध्यान दिया। मेरी हमेशा से कोशिश रही है कि जिस किरदार को मैं निभा रहा हूं, उसकी भाषा और बॉडी लैंग्वेज पूरी तरह असली लगे। मुंबई में रहने वाला इंसान, बिहार का व्यक्ति या किसी गांव का आदमी, सभी का बोलने का तरीका अलग होता है और एक अभिनेता के तौर पर इन बारीकियों को पकड़ना जरूरी होता है।''
उन्होंने आगे कहा, ''किसी भी किरदार को निभाने से पहले मैं उसके सामाजिक और मानसिक माहौल को समझने की कोशिश करता हूं। एक्टर का काम सिर्फ डायलॉग बोलना नहीं होता, बल्कि उस इंसान की पूरी दुनिया को अपने अंदर महसूस करना होता है। फिल्म में भी मेरी यही कोशिश रही है कि किरदार पूरी तरह विश्वसनीय लगे और दर्शक उससे जुड़ाव महसूस करें।''
फिल्म के निर्देशक चिन्मय मांडलेकर के बारे में बात करते हुए मनोज बाजपेयी ने कहा, ''वह बेहद जुनूनी फिल्ममेकर हैं। उनकी सोच बहुत अलग है। इस फिल्म को बनाने में काफी समय लगा, क्योंकि इसकी कहानी पर चिन्मय ने गहराई से काम किया है। वह लगातार इस कोशिश में लगे रहे कि फिल्म सिर्फ जानकारी देने वाली न लगे, बल्कि भावनात्मक और रोमांचक भी बने।''
फिल्म के ट्रेलर की बात करें तो इसकी शुरुआत में एक आवाज सुनाई देती है कि 'देश कंगाल होने वाला है।' यह 1990 का दौर है, जब भारत आर्थिक संकट से जूझ रहा था। इसके बाद देश की बिगड़ती आर्थिक हालत, लोगों का गुस्सा और सिस्टम पर बढ़ते दबाव को दिखाया जाता है। ट्रेलर में मनोज बाजपेयी का किरदार शांत लेकिन बेहद मजबूत है। उनसे पूछा जाता है कि अगर उन्हें पहले से आर्थिक संकट का अंदाजा था तो उन्होंने इसका समाधान क्या सोचा है।
मनोज बाजपेयी का किरदार देश को संकट से बाहर निकालने की तैयारी करता है। ट्रेलर में एक दमदार डायलॉग सुनाई देता है- 'अगर मैं फेल हुआ तो आरबीआई फेल हो जाएगा, और अगर आरबीआई फेल हुआ तो इंडिया फेल हो जाएगा।'
फिल्म में अभिनेत्री अदा शर्मा भी अहम भूमिका में नजर आएंगी।
'गवर्नर: द साइलेंट सेवियर' की कहानी सुवेंदु भट्टाचार्य, सौरभ भारत, रवि असरानी और विपुल अमृतलाल शाह ने मिलकर लिखी है। फिल्म का निर्देशन चिन्मय मांडलेकर ने किया है। इसके गीत मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने लिखे हैं, जबकि संगीत अमित त्रिवेदी ने दिया है। फिल्म 12 जून 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।
--आईएएनएस
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