अलीगढ़ डीएस कॉलेज में ‘गोलू द गार्ड’ लंगूर को मिली आज़ादी, दो साल बाद छोड़ा गया जंगल में
अलीगढ़ से एक अजीबोगरीब और चर्चा में रहने वाली खबर सामने आई है, जहां डीएस कॉलेज में तैनात रहे लंगूर ‘गोलू द गार्ड’ को करीब दो साल बाद आखिरकार आज़ाद कर दिया गया है। यह मामला सोशल मीडिया पर भी तेजी से वायरल हो रहा है और लोग इस पर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, ‘गोलू’ नाम का यह लंगूर कॉलेज परिसर में बंदरों के आतंक को नियंत्रित करने के लिए लाया गया था। शुरुआत में उसे एक तरह से “सिक्योरिटी गार्ड” की भूमिका में रखा गया था, ताकि परिसर में बंदरों की समस्या को कम किया जा सके।
बताया जा रहा है कि पिछले लगभग दो वर्षों से गोलू कॉलेज परिसर में ही रह रहा था और वहां की दिनचर्या का हिस्सा बन चुका था। छात्रों और स्टाफ के बीच भी वह काफी परिचित हो गया था।
अब प्रशासन की ओर से निर्णय लिया गया कि लंगूर को उसके प्राकृतिक आवास में वापस छोड़ा जाए। इसी के तहत उसे सुरक्षित तरीके से जंगल या वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया, ताकि वह अपने प्राकृतिक वातावरण में रह सके।
इस घटना का वीडियो और जानकारी सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर यह मामला तेजी से वायरल हो गया है। लोग ‘गोलू द गार्ड’ के नाम से इस लंगूर को याद कर रहे हैं और उसके कॉलेज जीवन को लेकर मजेदार और भावुक प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
कुछ यूजर्स ने लिखा कि “गोलू ने दो साल तक ईमानदारी से ड्यूटी निभाई,” तो कुछ ने इसे “सबसे अनोखा कॉलेज गार्ड” बताया। वहीं कई लोगों ने उसके सुरक्षित जीवन की कामना भी की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि वन्यजीवों को लंबे समय तक इंसानी वातावरण में रखना उनके प्राकृतिक व्यवहार को प्रभावित कर सकता है, इसलिए उन्हें समय पर उनके प्राकृतिक आवास में लौटाना जरूरी होता है।
फिलहाल ‘गोलू द गार्ड’ की विदाई सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बनी हुई है और लोग इस अनोखी कहानी को खूब शेयर कर रहे हैं।
कुल मिलाकर, यह मामला एक बार फिर यह दिखाता है कि जानवरों और इंसानों के बीच का जुड़ाव जितना अनोखा होता है, उतना ही जिम्मेदारी भरा भी होना चाहिए।

