गोवा में ईडी का बड़ा एक्शन, ड्रग तस्करी से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में 7.17 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क
पणजी, 26 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नारकोटिक्स ट्रैफिकिंग के अपराधों से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में करोड़ों रुपए की अचल संपत्ति को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह मामला नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्स्टांसेस एक्ट-1985 के तहत दर्ज अपराधों से संबंधित है।
अटैच की गई संपत्ति की अभी कीमत लगभग 7.17 करोड़ रुपए है। इनमें एक तीन मंजिला रिहायशी घर के अलावा दो अलग-अलग दो मंजिला मकान भी शामिल हैं। ये अचल संपत्तियां प्रकाश वाल्के और शीतल प्रसाद वाल्के के नाम पर दर्ज हैं और इन्हें एनडीपीएस अधिनियम, 1985 के अनुसूचित अपराधों से अर्जित 'अपराध की आय' होने के कारण कुर्क किया गया है।
प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, गोवा के नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने 7 मार्च 2021 को उगोचुकवु सोलोमन उबाबुको, डेविड और प्रकाश वाल्के के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज किया था। एनसीबी ने गोवा के असगांव स्थित परिसरों से एलएसडी, कोकीन, चरस और गांजा सहित बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ जब्त किए थे।
एनसीबी की ओर से दर्ज एफआईआर के आधार पर ईडी ने धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत इस मामले में जांच शुरू की गई।
प्रकाश वाल्के के घर की तलाशी में एलएसडी भी बरामद हुई। वाल्के को पहले 2018 में एनसीबी ने और फिर 2023 में गोवा पुलिस के एंटी-नारकोटिक सेल ने अलग-अलग एनडीपीएस मामलों में (एमडीएमए, एक्स्टेसी पाउडर और हाइड्रोपोनिक वीड की बरामदगी से संबंधित) गिरफ्तार किया था। वह अभी न्यायिक हिरासत में है।
ईडी की जांच से पता चला कि गैर-कानूनी ड्रग तस्करी से अर्जित आय को प्रकाश वाल्के और शीतल वाल्के के नाम पर कई बैंक अकाउंट में जमा किया गया था। फिलहाल, मामले में सभी लाभार्थियों और सहयोगियों की पहचान करने व अवैध गतिविधियों से अर्जित संपत्तियों का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया है कि ईडी ने मादक पदार्थ तस्करी और धन शोधन के विरुद्ध पीएमएलए व संबंधित कानूनों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है। 'नशा मुक्त भारत अभियान' के तहत ईडी अवैध ड्रग तस्करी नेटवर्क को उनकी आर्थिक जड़ों पर प्रहार कर ध्वस्त करने के अपने संकल्प पर कायम है।
इसमें आगे कहा गया कि अवैध आय के शोधन पर रोक लगाकर और ड्रग्स के पैसे से अर्जित संपत्तियों को कुर्क कर, ईडी देश को नशामुक्त बनाने के राष्ट्रीय अभियान को सशक्त कर रही है। यह ऑपरेशन ईडी की गैर-कानूनी ड्रग के धंधे को रोकने और ऐसी गतिविधियों से होने वाली क्राइम की कमाई का पता लगाने, पहचानने और अटैच करने की लगातार कोशिशों को दिखाता है।
--आईएएनएस
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