Samachar Nama
×

गोवा में बैंक फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 78 लाख रुपए की संपत्तियां अटैच

पणजी, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल कार्यालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अंजुना शाखा से सार्वजनिक धन के गबन से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में 78 लाख रुपए मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई है।
गोवा में बैंक फ्रॉड पर ईडी की बड़ी कार्रवाई, 78 लाख रुपए की संपत्तियां अटैच

पणजी, 28 फरवरी (आईएएनएस)। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के पणजी जोनल कार्यालय ने बैंक ऑफ बड़ौदा की अंजुना शाखा से सार्वजनिक धन के गबन से जुड़े बैंक फ्रॉड मामले में 78 लाख रुपए मूल्य की चल एवं अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया है। यह कार्रवाई धन शोधन निवारण अधिनियम, 2002 (पीएमएलए) के तहत की गई है।

ईडी ने यह जांच गोवा पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओसी), पणजी द्वारा दर्ज एफआईआर के आधार पर शुरू की थी, जिसे बाद में क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दिया गया। एफआईआर में उस समय के शाखा प्रबंधक उदित नारायण और अन्य के खिलाफ आरोप लगाया गया कि उन्होंने आपराधिक साजिश के तहत बैंक ऑफ बड़ौदा की अंजुना शाखा और उसके ग्राहकों को धोखा दिया। आरोप है कि आरोपियों ने बिना किसी वैध अनुमति या ग्राहक के प्राधिकरण के, बैंक खातों से धनराशि का अनधिकृत हस्तांतरण कर उसे हड़प लिया।

ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि उदित नारायण ने शाखा प्रबंधक के रूप में अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग करते हुए एक सुनियोजित धोखाधड़ी को अंजाम दिया। आरोप है कि उन्होंने कई निर्दोष ग्राहकों के खातों से, जिनमें अंजुना की कम्युनिडाडे और अन्य निष्क्रिय (डॉरमेंट) खाते शामिल थे, फर्जी तरीके से रकम डेबिट की। जांच के अनुसार, गबन की गई धनराशि को छिपाने के लिए सहयोगियों के ‘म्यूल’ बैंक खातों का इस्तेमाल किया गया, जो अवैध धन के स्रोत को छिपाने के लिए माध्यम बने। अनधिकृत लेन-देन को अंजाम देने के लिए जाली हस्ताक्षरों और बेनामी सिम कार्ड का उपयोग किया गया।

ईडी द्वारा कुर्क की गई संपत्तियों में पणजी के पोंडा स्थित सदाशिव प्लाजा में एक व्यावसायिक दुकान, अंजुना में एक भूखंड, पोंडा स्थित कीर्ति रेजीडेंसी में एक आवासीय फ्लैट तथा उदित नारायण के नाम पर मौजूद बैंक बैलेंस शामिल हैं। ये संपत्तियां बैंक ऑफ बड़ौदा से जुड़े धोखाधड़ी मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा अस्थायी रूप से कुर्क की गई हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 78 लाख रुपए है। इन अचल संपत्तियों को आरोपियों के सहयोगियों के नाम पर रखा गया था। ईडी के अनुसार, इन्हें अपराध से अर्जित आय के समतुल्य मूल्य के रूप में अटैच किया गया है।

जांच एजेंसी ने इस मामले में कुल 2.34 करोड़ रुपए की प्रोसीड्स ऑफ क्राइम की पहचान की है। ईडी के अनुसार, यह राशि अनुसूचित अपराध से अर्जित की गई थी और इसे जटिल बैंक लेन-देन के जरिए छिपाने की कोशिश की गई। मामले में आगे की जांच जारी है।

--आईएएनएस

पीएसके

Share this story

Tags