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गोवा चुनाव 2027: विपक्षी दलों ने शुरू की सियासी बिसात, कांग्रेस-GFP में गठबंधन पर चर्चा, AAP ने भी दिए संकेत

गोवा चुनाव 2027: विपक्षी दलों ने शुरू की सियासी बिसात, कांग्रेस-GFP में गठबंधन पर चर्चा, AAP ने भी दिए संकेत

गोवा में वर्ष 2027 में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक हलचल तेज होने लगी है। चुनाव में अभी समय बाकी है, लेकिन विपक्षी दलों ने भारतीय जनता पार्टी (BJP) को चुनौती देने की रणनीति पर काम शुरू कर दिया है। कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी (GFP) के बीच गठबंधन को लेकर शुरुआती बातचीत हो चुकी है, वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) ने भी विपक्षी एकजुटता के संकेत दिए हैं।

कांग्रेस और GFP के बीच पहली दौर की बातचीत

गोवा प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गिरीश चोडंकर ने बताया कि उन्होंने विजय सरदेसाई के साथ संभावित गठबंधन को लेकर चर्चा की है। दोनों नेताओं की शनिवार को दक्षिण गोवा के फतोरदा शहर में मुलाकात हुई, जिसमें आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर शुरुआती रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया।

चोडंकर के अनुसार, यह बैठक केवल प्रारंभिक स्तर की थी और अभी गठबंधन को अंतिम रूप देने पर कोई फैसला नहीं हुआ है। उन्होंने कहा कि दोनों दल जल्द ही दोबारा बैठक करेंगे, जिसमें सीटों के बंटवारे और अन्य चुनावी मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

2022 में भी साथ लड़ चुके हैं चुनाव

कांग्रेस और गोवा फॉरवर्ड पार्टी इससे पहले वर्ष 2022 के विधानसभा चुनाव में भी गठबंधन के साथ मैदान में उतरी थीं। ऐसे में दोनों दल एक बार फिर मिलकर चुनाव लड़ने की संभावनाओं पर विचार कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि विपक्षी वोटों के बिखराव को रोकने के लिए यह गठबंधन अहम साबित हो सकता है।

AAP ने भी गठबंधन के दिए संकेत

गोवा की राजनीति में अपनी मौजूदगी दर्ज करा चुकी आम आदमी पार्टी ने भी विपक्षी एकता के संकेत दिए हैं। हालांकि पार्टी की ओर से अभी किसी औपचारिक गठबंधन की घोषणा नहीं की गई है, लेकिन राजनीतिक समीकरणों को देखते हुए भविष्य में विपक्षी दलों के बीच व्यापक समझौते की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।

सीट शेयरिंग पर होगी अगली बैठक

गिरीश चोडंकर ने स्पष्ट किया कि आगामी बैठकों में सीट शेयरिंग, चुनावी रणनीति और साझा एजेंडे जैसे अहम मुद्दों पर निर्णय लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष का उद्देश्य राज्य में मजबूत विकल्प तैयार करना है और इसके लिए सभी समान विचारधारा वाले दलों के साथ बातचीत जारी रहेगी।

चुनाव से पहले तेज होगी सियासी गतिविधियां

हालांकि गोवा विधानसभा चुनाव में अभी काफी समय है, लेकिन राजनीतिक दलों ने संगठन को मजबूत करने और चुनावी रणनीति बनाने की दिशा में काम शुरू कर दिया है। आने वाले महीनों में विपक्षी दलों के बीच गठबंधन को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है। यदि कांग्रेस, GFP और AAP किसी साझा रणनीति पर सहमत होते हैं, तो गोवा की राजनीति में मुकाबला और दिलचस्प हो सकता है।

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