ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम में बोलीं भाजपा विधायक प्रतिमा बागरी- भारत कला और संस्कृति में आगे
मुंबई, 5 सितंबर (आईएएनएस)। भारतीय जनता पार्टी की विधायक प्रतिमा बागरी ने कल्चरल एक्सचेंज और समझ को बढ़ावा देने में इम्पैक्ट फोरम जैसे कार्यक्रमों के महत्व पर जोर दिया और भारत की बढ़ती जीडीपी का स्वागत किया। उन्होंने युवाओं से 'विकसित भारत' के लिए आगे आने की अपील की।
मुंबई में आयोजित ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम पर भाजपा विधायक प्रतिमा बागरी ने कहा, "यह विविधता में एकता का शानदार उदाहरण है। अलग-अलग देशों से आए लोगों ने अपनी संस्कृति, कला और वास्तुकला का प्रदर्शन किया, जिसमें विविधता के बावजूद एक मंच पर एकता दिखी। अब भारत अपनी कला, संस्कृति और वास्तुकला के साथ लीड कर रहा है। यह कार्यक्रम भारतीयों के लिए दूसरे देशों की कला को देखने और अपनी परंपरा को वैश्विक पहचान दिलाने का बड़ा अवसर है।"
बागरी ने कहा कि निश्चित रूप से हर देश की अपनी संस्कृति और अपनी वास्तुकला होती है। जब इसे भारत में पेश किया जाता है, तो हमें इसके बारे में व्यापक रूप से जानने को मिलता है, क्योंकि भारत में रहने वाले लोग अपनी भारतीय संस्कृति को बहुत अच्छी तरह से जानते हैं। भारत में दूसरे देशों की संस्कृति और कला रूप को पेश करना प्रसिद्ध है क्योंकि उन्हें भी इसके बारे में पता चलता है और इसे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के रूप में व्यापक तौर पर पेश किया गया है। हम कह सकते हैं कि अब हम इसे अपने तौर पर अपना रहे हैं, इसे फॉलो कर रहे हैं, और इसके बारे में जान रहे हैं।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का सपना है कि भारत 2047 तक विकसित बने। अगर हम उस सपने को देख रहे हैं और उसे पूरा करना चाहते हैं, तो हमें ऐसे कार्यक्रमों में भाग लेना चाहिए। सिर्फ भाग लेना काफी नहीं है, बल्कि हर देश की जो जरूरतें हैं, उन्हें पूरा करना भी जरूरी है, चाहे वह हम हों या दूसरे देश। मैं सभी युवा पीढ़ी से आह्वान करना चाहूंगी कि वे ऐसे आयोजनों में भाग लें और सिर्फ भाग ही न लें, बल्कि उन चीजों पर काम भी करें जो देश को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी हैं।
कार्यक्रम में मौजूद एक अन्य महिला ने कहा कि आज ग्लोबल इम्पैक्ट फोरम 2 के लिए एक शानदार शुरुआती दिन रहा है। सीएम देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी से हम बहुत सम्मानित महसूस कर रहे हैं, और मैं बहुत आभारी हूं कि उन्होंने यहां आने के लिए समय निकाला, हमारा समर्थन किया, और हमेशा हमारे उन प्रयासों को प्रोत्साहित किया जो सद्भाव, शांति और ज्यादा से ज्यादा वापस देने की बात करते हैं।
--आईएएनएस
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