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लड़की भगाने के आरोप में 4 दिन तक पुलिस ने दिया थर्ड डिग्री का टॉर्चर…घर पहुंच कर युवक उठाया खौफनाक कदम

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उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस द्वारा की गई बर्बर पिटाई से आहत एक युवक ने आत्महत्या कर ली। मृतक युवक पर एक लड़की को भगाने का आरोप था, लेकिन उसके परिजनों का कहना है कि पुलिस ने उसे चार दिन तक थाने में बुरी तरह पीटा और मानसिक तौर पर परेशान किया, जिसके बाद उसने आत्महत्या कर ली। इस घटना के बाद परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया है, और पुलिस ने मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए भेजा है।

पुलिस द्वारा की गई पिटाई का आरोप

मृतक युवक सलमान के परिजनों के अनुसार, पुलिस ने उसे चार दिन तक थाने में हिरासत में रखा और थर्ड डिग्री टॉर्चर किया। पूछताछ के दौरान सलमान को न केवल पीटा गया, बल्कि उसे धमकी भी दी गई कि उसे जेल भेज दिया जाएगा। इस तरह के दुर्व्यवहार से सलमान मानसिक रूप से टूट चुका था। पुलिस द्वारा उसे छोड़ने के बाद वह अपने घर लौट आया, लेकिन फिर भी वह इस सदमे से उबर नहीं सका। घर पहुंचने के बाद, सलमान ने अपने कमरे में जाकर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली।

पिटाई के निशान, बिना सुसाइड नोट के मौत

परिजनों ने बताया कि जब सलमान अपने घर लौटा, तो वह बहुत डरा हुआ और चुप था। उन्होंने उसे किसी से कुछ बोलते नहीं देखा और थोड़ी देर बाद परिवार वालों ने पाया कि सलमान ने फांसी लगा ली थी। हालांकि उसके पास कोई सुसाइड नोट नहीं था, लेकिन उसके शरीर पर पिटाई के स्पष्ट निशान थे, जो इस बात की पुष्टि करते थे कि उसकी मानसिक स्थिति काफी खराब हो चुकी थी।

परिजनों ने पुलिस पर हत्या का आरोप लगाया

सलमान के भाई मुमताज ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि सलमान निर्दोष था और उसने कभी किसी लड़की को नहीं भगाया था। मुमताज का कहना था कि पुलिस ने बिना सबूत के सलमान को थाने में रखा और उसे अत्याचार किया। मुमताज ने यह भी कहा कि यह आत्महत्या नहीं, बल्कि पुलिस की दरिंदगी के कारण हुई हत्या थी। उन्होंने मामले में आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने की मांग की है।

पोस्टमार्टम के बाद मामले की जांच शुरू

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मामले की जांच की जाएगी और अगर पुलिसकर्मियों की संलिप्तता पाई जाती है, तो उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, इस समय तक किसी भी पुलिसकर्मी पर कोई मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है।

परिवार और गांववासियों का न्याय की मांग

सलमान के परिवार और गांववाले इस घटना से बेहद परेशान और आहत हैं। उनका कहना है कि अगर सलमान दोषी था, तो उसे अदालत में पेश किया जाना चाहिए था, लेकिन थाने में मारपीट करके उसकी जान ले लेना इंसाफ नहीं है। परिजनों ने जिला अधिकारी (डीएम) और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) से निष्पक्ष जांच की मांग की है और दोषियों को सख्त सजा देने की अपील की है।

यह घटना पुलिसिया टॉर्चर और जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करती है। अब यह देखना होगा कि परिवार को न्याय मिलता है या नहीं।

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