बेंगलुरु से लापता लड़की 7 महीने बाद OTP से मिली: सरकारी योजना के लिए पति के नंबर से कराया रजिस्ट्रेशन, पुलिस ने ऐसे किया ट्रैक
बेंगलुरु से लापता हुई एक युवती को पुलिस ने करीब 7 महीने बाद ढूंढ निकाला। हैरानी की बात यह रही कि पुलिस को उसकी तलाश में एक OTP (वन टाइम पासवर्ड) ने मदद की। युवती ने एक सरकारी योजना का लाभ लेने के लिए अपने पति के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर रजिस्ट्रेशन कराया था, जिसके बाद पुलिस को उसकी लोकेशन तक पहुंचने का सुराग मिल गया।
पुलिस के मुताबिक, यह मामला लंबे समय से जांच में था और युवती की तलाश के लिए कई स्तरों पर प्रयास किए जा रहे थे। आखिरकार एक डिजिटल ट्रेल के जरिए पुलिस को अहम जानकारी मिली।
सरकारी योजना के रजिस्ट्रेशन से मिला सुराग
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि युवती ने किसी सरकारी योजना के लिए आवेदन करते समय अपने पति के मोबाइल नंबर का इस्तेमाल किया था। इस प्रक्रिया में मोबाइल नंबर पर OTP आया था।
इसी OTP और रजिस्ट्रेशन से जुड़ी डिजिटल जानकारी के आधार पर पुलिस ने आगे की जांच शुरू की। इसके बाद युवती तक पहुंचने में सफलता मिली।
7 महीने से चल रही थी तलाश
बताया जा रहा है कि युवती के लापता होने के बाद परिवार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की।
जांच के दौरान पुलिस ने मोबाइल रिकॉर्ड, डिजिटल गतिविधियों और अन्य तकनीकी पहलुओं की मदद ली, लेकिन काफी समय तक कोई ठोस सुराग नहीं मिल पाया था।
डिजिटल जांच से खुला राज
आज के समय में पुलिस जांच में डिजिटल तकनीक की भूमिका काफी बढ़ गई है। मोबाइल नंबर, ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन, बैंकिंग गतिविधियां और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड कई बार लापता लोगों को खोजने में अहम साबित होते हैं।
इस मामले में भी एक छोटे से OTP ने पुलिस को बड़ा सुराग दे दिया और महीनों से चल रही तलाश आखिरकार पूरी हो गई।
पुलिस ने युवती को परिवार तक पहुंचाया
पुलिस ने युवती को बरामद करने के बाद मामले की आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि तकनीकी जांच के कारण यह मामला सुलझाने में मदद मिली।
यह घटना एक बार फिर दिखाती है कि डिजिटल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच आज पुलिस के लिए कितने महत्वपूर्ण उपकरण बन चुके हैं। एक साधारण रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया से मिले सुराग ने 7 महीने पुराने मामले को सुलझाने में अहम भूमिका निभाई।

